संगठन इंडिया फिलैंथà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥€ à¤à¤²à¤¾à¤¯à¤‚स (IPA) गरीबी के कम करने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के तहत धन जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡ और लोगों को संगठित करने पर फोकस कर रहा है। यह à¤à¤²à¤¾à¤¯à¤‚स संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका और अनà¥à¤¯ देशों में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गैर-लाà¤à¤•ारी, परोपकारी और धरà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤¥ संगठनों का à¤à¤• नेटवरà¥à¤• है। संगठन की ओर से हर वरà¥à¤· यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को निबंधन लेखन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया जाता है। इसके लिठशिकà¥à¤·à¤¾, कृषि, विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िका के अलावा, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ और जल संरकà¥à¤·à¤£ जैसे विषयों को शामिल किया जाता है।
संगठन की ओर से हर वरà¥à¤· आयोजित होने वाली निबंध लेखन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता अगले महीने यानी 1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2025 से शà¥à¤°à¥‚ हो रही है। यह आईपीठकी ओर से आयोजित की जाने वाली 6वीं निबंध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता है। जिसके जरिठवैशà¥à¤µà¤¿à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• मंच दिया जा रहा है।
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