मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ का पनà¥à¤¨à¤¾ जिला हीरे, à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚ और मंदिरों के लिठजाना जाता है। यहां के मंदिर सदियों पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ है। कà¥à¤› मंदिर आज à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हैं तो कà¥à¤› जमीन के अंदर दबे हà¥à¤ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ (ASI) मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के पनà¥à¤¨à¤¾ जिले के नाचने गांव में दो टीलों पर पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤µà¤¿à¤• उतà¥à¤–नन कर रहा है। यदि रिपोरà¥à¤Ÿ की मानें तो यहां à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मंदिर के बारे में पता चलने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसे लेकर वासà¥à¤¤à¤µ में इतिहासकारों, पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोगों के बीच काफी उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ विà¤à¤¾à¤— की टीम यहां खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ कर रही है, जिसमें पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मंदिर और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤à¤‚ मिलने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जताई जा रही है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ पारà¥à¤µà¤¤à¥€ और चौमà¥à¤– नाथ मंदिरों के पास सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ ये उतà¥à¤–नन सà¥à¤¥à¤² à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• महतà¥à¤µ रखते हैं। à¤à¤à¤¸à¤†à¤ˆ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की समृदà¥à¤§ सांसà¥à¤•ृतिक विरासत को उजागर करने और संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने में अपनी विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ के साथ पृथà¥à¤µà¥€ की सतह के नीचे दबे किसी à¤à¥€ छिपे हà¥à¤ खजाने का पता लगाने के लिठइन टीलों की खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ का सावधानीपूरà¥à¤µà¤• काम किया है।
पनà¥à¤¨à¤¾ के à¤à¤¡à¤¿à¤¶à¤¨à¤² कलेकà¥à¤Ÿà¤° नीलांबर मिशà¥à¤°à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ का काम पिछले à¤à¤• महीने से चल रहा है। खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ इस तथà¥à¤¯ के साथ की जा रही है कि यहां à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤² की खोज के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मौजूद हैं। उतà¥à¤–नन का पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के किसी à¤à¥€ छिपे हà¥à¤ अवशेष को पà¥à¤°à¤•ट करना है, जो मिटà¥à¤Ÿà¥€ के नीचे दबे हो सकते हैं।
à¤à¤à¤¸à¤†à¤ˆ के जबलपà¥à¤° सरà¥à¤•िल के सà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤‚टेंडेंट पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥ शिवकांत बाजपेयी ने नाचने गांव के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• महतà¥à¤µ पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला है। पारà¥à¤µà¤¤à¥€ मंदिर और पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ चौमà¥à¤– नाथ मंदिर की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ बाजपेयी पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ वासà¥à¤¤à¥à¤¶à¤¿à¤²à¥à¤ª चमतà¥à¤•ारों के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ केंदà¥à¤° के रूप में गांव के महतà¥à¤µ को रेखांकित करते हैं। उनका कहना है कि खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ अà¤à¥€ अपने पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण में हैं। पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ ने किसी à¤à¥€ छिपी हà¥à¤ˆ कलाकृतियों या संरचनाओं का अनावरण करने के लिठपृथà¥à¤µà¥€ में गहराई से जाने से पहले ऊपरी परतों की सावधानीपूरà¥à¤µà¤• खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ की है।
समृदà¥à¤§ इतिहास और संसà¥à¤•ृति के साथ मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में कई पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मंदिर हैं जो इसके गौरवशाली अतीत के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हैं। इनमें से सांची मंदिर 5 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ ईसà¥à¤µà¥€ में गà¥à¤ªà¥à¤¤ काल का है, जो सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¤à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का à¤à¤• बेजोड़ उदाहरण है। नाचने गांव में खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ का काम जारी है, उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¨ के à¤à¤¸à¥‡ ही खजाने का पता लगाया जाà¤à¤—ा, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ विरासत की हमारी समठको और समृदà¥à¤§ करेगा।
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