à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के दंपती ऋषि सà¥à¤¨à¤• और अकà¥à¤·à¤¤à¤¾ मूरà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¨à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के गà¥à¤°à¥‡à¤œà¥à¤à¤Ÿ सà¥à¤•ूल ऑफ़ बिज़नेस में 14 जून को दीकà¥à¤·à¤¾à¤‚त संबोधन के लिठपहà¥à¤‚चे। दोनों यहीं पर पहली बार à¤à¤®à¤¬à¥€à¤ छातà¥à¤° के रूप में मिले थे। फà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤®à¥à¤«à¥€à¤¥à¤¿à¤à¤Ÿà¤° में 2025 की ककà¥à¤·à¤¾ को संबोधित करते हà¥à¤ दंपती ने धरà¥à¤® के विचार पर कहा कि यह à¤à¤• संसà¥à¤•ृत शबà¥à¤¦ है जिसे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने परिणामों से लगाव के बिना कारà¥à¤¯ करने के करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ के रूप में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया।
सà¥à¤¨à¤• ने कहा कि धरà¥à¤® वह विचार है कि हमें अपने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से मिलने वाले पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ारों के बजाय केवल अपने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ को पूरा करने से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करनी चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने याद किया कि कैसे, जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• राजनीतिक संकट के दौरान यूनाइटेड किंगडम का नेतृतà¥à¤µ करने का मौका दिया गया तो 'अकà¥à¤·à¤¤à¤¾ ने मà¥à¤à¥‡ याद दिलाया कि मेरा धरà¥à¤® सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ था: यह मेरा करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ था कि मैं काम करूं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤à¥‡ लगा कि मैं अपने देश की बहà¥à¤¤ कठिन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मदद कर सकता हूं।'
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