ओपन à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ जरà¥à¤¨à¤² ऑफ द à¤à¤•ेडमी ऑफ पबà¥à¤²à¤¿à¤• हेलà¥à¤¥ अपने लॉनà¥à¤š के साथ ही विवादों में घिर गया है। इस जरà¥à¤¨à¤² के सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• जय à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अमेरिकी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤‚प ने नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤¸ ऑफ हेलà¥à¤¥ (NIH) के निदेशक पद के लिठनामित किया है।
इस जरà¥à¤¨à¤² के संपादकीय बोरà¥à¤¡ में फूड à¤à¤‚ड डà¥à¤°à¤— à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (FDA) के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– और जॉनà¥à¤¸ हॉपकिनà¥à¤¸ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के सरà¥à¤œà¤¨ मारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ मकारी à¤à¥€ हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कोरोना वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को अनिवारà¥à¤¯ बनाने का विरोध किया था।
जरà¥à¤¨à¤² का दावा है कि वह साइंटिफिक पबà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन में इनोवेटिव विजन पेश करता है। इसे दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¤ªà¤‚थी गैर-लाà¤à¤•ारी संसà¥à¤¥à¤¾ रियलकà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° फाउंडेशन का सपोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ हासिल है। पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा बौदà¥à¤§à¤¿à¤• जवाबदेही, दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण में विविधता और ओपन पियर रिवà¥à¤¯à¥‚ को बढ़ावा देने का à¤à¥€ दावा करती है।
पारंपरिक साइंस जरà¥à¤¨à¤²à¥à¤¸ के उलट इसमें लेखों की जांच-पड़ताल नहीं की जाती है। आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¥‡ गठसà¤à¥€ शोध पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ और उनके साथ पियर रिवà¥à¤¯à¥‚ पà¥à¤°à¤•ाशित कर दिठजाते हैं। पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा के à¤à¤• à¤à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤° इन चीफ मारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ कà¥à¤²à¤¡à¥‰à¤°à¥à¤« कहते हैं कि इस मॉडल से परंपरागत पियर रिवà¥à¤¯à¥‚ में होने वाली देरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ खतà¥à¤® हो जाती है। साथ ही अनà¥à¤¸à¤‚धानों का तà¥à¤°à¤‚त पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° à¤à¥€ संà¤à¤µ होता है।
कà¥à¤²à¤¡à¥‰à¤°à¥à¤« ने पहले अंक में लिखा कि जरà¥à¤¨à¤² का यह मॉडल वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को समयबदà¥à¤§ तरीके से और कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• अपने शोध कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤•ाशित करने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होती है।
हालांकि इस नठमॉडल को लेकर कई शोधकरà¥à¤¤à¤¾ चिंताà¤à¤‚ à¤à¥€ जता रहे हैं। जॉन हॉपकिनà¥à¤¸ सेंटर फॉर हेलà¥à¤¥ सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ की गीगी गà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤µà¤¾à¤² ने वायरà¥à¤¡ मैगजीन से कहा कि यह à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा नहीं, कà¥à¤²à¤¬ नà¥à¤¯à¥‚ज़लेटर अधिक लगता है।
यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ बà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² के रिसरà¥à¤š कलà¥à¤šà¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ मारà¥à¤•स मà¥à¤¨à¤¾à¤«à¥‹ कहते हैं कि अकादमिक जगत पहले से ही à¤à¤¸à¥‡ जरà¥à¤¨à¤²à¥à¤¸ और शोध पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में असà¥à¤¥à¤¿à¤° बढ़ोतरी से जूठरहा है जो मानवीय जà¥à¤žà¤¾à¤¨ में कोई विशेष योगदान नहीं देते बलà¥à¤•ि समीकà¥à¤·à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ पर अतिरिकà¥à¤¤ बोठही डालते हैं।
इस जरà¥à¤¨à¤² की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¤¸à¥‡ समय हà¥à¤ˆ है, जब जय à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ और मारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ कà¥à¤²à¤¡à¥‰à¤°à¥à¤« दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कोरोना लॉकडाउन को लेकर पहले की गई आलोचनाओं की à¤à¥€ समीकà¥à¤·à¤¾ हो रही है। उनके इन विचारों से जरà¥à¤¨à¤² की विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ और पबà¥à¤²à¤¿à¤• हेलà¥à¤¥ रिसरà¥à¤š पर उसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को लेकर बहस छिड़ गई है।
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