अमेरिका में पहले संगठित और पंजीकृत जैन मंदिर, जैन सेंटर ऑफ अमेरिका (जेसीà¤) ने नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤—वान महावीर सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ के आगमन की 50वीं वरà¥à¤·à¤—ांठके समà¥à¤®à¤¾à¤¨ में à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ मनाया। नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯ दूत बिनय शà¥à¤°à¥€à¤•ांत पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ ने इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि के रूप में à¤à¤¾à¤— लिया और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में जैन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठउतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ योगदान के लिठजेसीठकी पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की।
50वीं वरà¥à¤·à¤—ांठसमारोह में मंदिर के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• महतà¥à¤µ और अमेरिका में जैनियों के बीच à¤à¤•ता और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास को बढ़ावा देने में इसकी सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¥‚मिका पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया।
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ ने जशà¥à¤¨ की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ के साथ वाणिजà¥à¤¯ दूतावास के आधिकारिक à¤à¤•à¥à¤¸ खाते पर à¤à¤• पोसà¥à¤Ÿ में साà¤à¤¾ किया, "अमेरिका का जैन केंदà¥à¤° पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच जैन संसà¥à¤•ृति और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने और बढ़ावा देने में सहायक रहा है।"
गौरतलब है कि नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में जैन आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• आखांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को पूरा करने के लिठ1960 के दशक के मधà¥à¤¯ में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ जेसीठको संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में अपनी तरह का सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ जैन मंदिर होने का गौरव पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है।
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