उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के संà¤à¤² जिले में कलà¥à¤•ि धाम मंदिर आज चरà¥à¤šà¤¾ के केंदà¥à¤° में है। इसकी वजह ये है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने कलà¥à¤•ि धाम मंदिर के लिठआधारशिला रखी है। इस महीने की 19 तारीख को आयोजित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गणमानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, संतों और धारà¥à¤®à¤¿à¤• नेताओं की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ रही।
यह मंदिर संà¤à¤² के à¤à¤‚करा कंबोह इलाके में बनने जा रहा है। अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर के बाद इस मंदिर के शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ की चरà¥à¤šà¤¾ रही। पूरà¥à¤µ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता आचारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ कृषà¥à¤£à¤® शà¥à¤°à¥€ कलà¥à¤•ि धाम निरà¥à¤®à¤¾à¤£ टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं। पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ कृषà¥à¤£à¤® ने ही इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के लिठपà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी को आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया था, जिसके बाद कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पारà¥à¤Ÿà¥€ से निकाल दिया था।
हिंदू धारà¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¤‚थों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ धरà¥à¤® की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾, साधà¥à¤“ं की रकà¥à¤·à¤¾ और पापियों का नाश करने के लिठअवतार लेते हैं। कलà¥à¤•ि अवतार को 24 वें अवतार के रूप में à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ की जाती है, जो कलियà¥à¤— के अंत में आता है। शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ के 24 अवतारों का वरà¥à¤£à¤¨ किया गया है, जिनमें से 23 पहले ही पृथà¥à¤µà¥€ पर अवतरित हो चà¥à¤•े हैं।
कलà¥à¤•ि अवतार के उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के संà¤à¤² में होने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है, जिससे इस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर कलà¥à¤•ि धाम का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होगा। à¤à¤—वान कलà¥à¤•ि को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ यह मंदिर पहला 'धाम' होने के कारण दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे खास माना जा रहा है। इसकी à¤à¤• खासियत यह है कि यहां अवतार से पहले à¤à¤—वान का मंदिर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया जा रहा है। मंदिर के à¤à¥€à¤¤à¤° दस गरà¥à¤à¤—ृह à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ के दस अवतारों के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं।
कलियà¥à¤— जो धारà¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¤‚थों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤—वान कृषà¥à¤£ के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ के बाद शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤†à¥¤ माना जाता है कि 5126 साल बीत चà¥à¤•े होने के साथ 4 लाख 32 हजार वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक चलता है। सावन मास के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पंचमी तिथि को जब गà¥à¤°à¥, सूरà¥à¤¯ और चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ पà¥à¤·à¥à¤¯ नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° में होंगे तब à¤à¤—वान कलà¥à¤•ि के जनà¥à¤® होने की à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ की जाती है।
'अगà¥à¤¨à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤£' में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ कलà¥à¤•ि अवतार को धनà¥à¤· और बाण पकड़े हà¥à¤ घà¥à¤¡à¤¼à¤¸à¤µà¤¾à¤° के रूप में बताया गया है। अवतार देवदतà¥à¤¤ नाम के à¤à¤• सफेद घोड़े की सवारी करेगा, जो 64 कलाओं से सà¥à¤¶à¥‹à¤à¤¿à¤¤ होगा, और à¤à¤—वान शिव से चमतà¥à¤•ारी शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उनके पास होंगी।
मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ समिति के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इस मंदिर में उसी पतà¥à¤¥à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होगा जिससे अयोधà¥à¤¯à¤¾ का राम मंदिर बनकर तैयार हà¥à¤† है। यह मंदिर पांच à¤à¤•ड़ में फैला होगा। मंदिर को पूरा होने में लगà¤à¤— पांच साल लगने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। इस मंदिर और अयोधà¥à¤¯à¤¾ राम मंदिर, सोमनाथ मंदिर के बीच कई बातें सामानà¥à¤¯ होंगी। जैसे, गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ रंग के पतà¥à¤¥à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², समान वासà¥à¤¤à¥à¤¶à¤¿à¤²à¥à¤ª 'शैली' और सà¥à¤Ÿà¥€à¤² या लोहे के फà¥à¤°à¥‡à¤® का बहिषà¥à¤•ार। मंदिर का 'शिखर' 108 फीट की ऊंचाई तक पहà¥à¤‚चेगा, जिसमें मंच जमीन से 11 फीट ऊंचा होगा। रिकॉरà¥à¤¡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मंदिर परिसर के à¤à¥€à¤¤à¤° कà¥à¤² 68 तीरà¥à¤¥ सà¥à¤¥à¤² सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किठजाà¤à¤‚गे।
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