à¤à¤¾à¤°à¤¤ का à¤à¤• शखà¥à¤¸ जब चीन गया तो à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ पर कदम रखते ही वहां की मशीनें उनसे हिंदी में बात करने लगीं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ यातà¥à¤°à¥€ यह जानकर हैरान रह गठकि उसके à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पासपोरà¥à¤Ÿ का पता लगाने के बाद हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ की मशीनें हिंदी में बात कर रही थीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर अपना अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ किया, तो लोगों की कई तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सामने आने लगीं। कà¥à¤› यह जानने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤• थे कि कà¥à¤¯à¤¾ मशीन अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में à¤à¥€ संवाद कर सकती है। कई यूजरà¥à¤¸ ने चीन, सिंगापà¥à¤° और बैंकॉक का दौरा करते समय अपने अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ किà¤à¥¤
चीन पहà¥à¤‚चे शांतनॠगोयल ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर दो तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ साà¤à¤¾ करते हà¥à¤ लिखा कि ये मशीनें मेरे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पासपोरà¥à¤Ÿ का पता लगाने पर हिंदी में बोलती हैं। पहली तसà¥à¤µà¥€à¤° में फॉरेनर फिंगरपà¥à¤°à¤¿à¤‚ट सेलà¥à¤«-कलेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दिखाया गया है, जिसमें लोगों के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठकई मशीनें लगाई गई हैं। अगली तसà¥à¤µà¥€à¤° हिंदी और Mandarin दोनों में फिंगरपà¥à¤°à¤¿à¤‚ट कलेकà¥à¤¶à¤¨ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को दिखाती हैं।
14 जनवरी को शेयर किठजाने के बाद से इस टà¥à¤µà¥€à¤Ÿ को 7.1 लाख से अधिक बार देखा जा चà¥à¤•ा है। इसके अलावा इसे 4,000 से अधिक लाइक और कई रीटà¥à¤µà¥€à¤Ÿ मिले हैं। कà¥à¤› लोग अपने विचार साà¤à¤¾ करने के लिठटà¥à¤µà¥€à¤Ÿ पर कमेंट à¤à¥€ कर रहे हैं। शांतनॠको मशीन के इंटरफेस में कोई à¤à¥€ लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का ऑपà¥à¤¶à¤¨ नहीं मिला था। उनके मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, मशीन ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठहिंदी को डिफॉलà¥à¤Ÿ लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया था।
यही सवाल à¤à¤• यूजरà¥à¤¸ ने पूछा कि केवल हिंदी या इसमें अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हैं? इस पर गोयल ने जवाब दिया कि मैं देश की à¤à¤¾à¤·à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहा हूं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठयह हिंदी में है। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं है कि अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤• विकलà¥à¤ª थीं, इंटरफेस में कोई विकलà¥à¤ª नहीं देखा। गोयल ने बताया कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मशीनों को फà¥à¤°à¥‡à¤‚च, सà¥à¤ªà¥ˆà¤¨à¤¿à¤¶ और जरà¥à¤®à¤¨ लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ में à¤à¥€ बातचीत करते हà¥à¤ सà¥à¤¨à¤¾ है।
à¤à¤• अनà¥à¤¯ यूजरà¥à¤¸ ने अपने अनà¥à¤à¤µ शेयर करते हà¥à¤ लिखा कि सिंगापà¥à¤° और बैंकॉक में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ से पहचाना जाना और इस तरह से बधाई देना जादà¥à¤ˆ है। à¤à¤• अनà¥à¤¯ यूजर ने कहा कि 2019 में चीन में था, उनके पास तब à¤à¥€ यह था। मशीन में सेंसर लगा होता है, जो पासपोरà¥à¤Ÿ सà¥à¤•ैन कर उस देश की पहचान करने के बाद वहां की लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ को डिसà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡ करने लगती है।
à¤à¤• यूजर ने अपने कमेंट में लिखा कि मैं 2019 के आसपास à¤à¥€ आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित था जब मैंने पहली बार गà¥à¤†à¤‚गजो हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर इसे देखा था। मेरे दिमाग में सबसे तातà¥à¤•ालिक सवाल यह आया कि अगर कोई तमिल अपना पासपोरà¥à¤Ÿ रख दे और उसे हिंदी समठही न आठतो कà¥à¤¯à¤¾ होगा? à¤à¤• यूजर ने लिखा कि विदेशी परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को लà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡ और बिजनेस करने वालों को अपने यहां आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने का ये तरीका अचà¥à¤›à¤¾ है।
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