महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° सरकार ने 10 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को गणेशोतà¥à¤¸à¤µ को आधिकारिक तौर पर राजà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ घोषित कर दिया, जिससे à¤à¤—वान गणेश के जनà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤µ के 100 साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ इस उतà¥à¤¸à¤µ को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ मिल गई। सांसà¥à¤•ृतिक मामलों के मंतà¥à¤°à¥€ आशीष शेलार ने विधानसà¤à¤¾ में यह घोषणा की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यह कदम महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° की सांसà¥à¤•ृतिक विरासत के संरकà¥à¤·à¤£ किया जाà¤à¤—ा। इस उतà¥à¤¸à¤µ को सबसे पहले सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ सेनानी लोकमानà¥à¤¯ बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ औपनिवेशिक शासन के दौरान जाति और वरà¥à¤— के आधार पर लोगों को à¤à¤•जà¥à¤Ÿ करने के लिठलोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ बनाया था।
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