पिछले साल दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को पीछे छोड़ते हà¥à¤ जबरदसà¥à¤¤ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तरकà¥à¤•ी करने के बाद, à¤à¤¾à¤°à¤¤ के नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ अब अचानक से आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से निपटने में जà¥à¤Ÿ गठहैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में बिगड़ते हालात के बीच à¤à¤¾à¤°à¤¤ के शेयर बाजार में हालिया तेजी थम गई है। 7 जनवरी को, à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ की तीसरी सबसे बड़ी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ ने मारà¥à¤š में खतà¥à¤® होने वाले वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ वरà¥à¤· में 6.4 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की सालाना गà¥à¤°à¥‹à¤¥ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया है। ये पिछले चार सालों में सबसे धीमी गà¥à¤°à¥‹à¤¥ है। यह सरकार के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ कम है। कम निवेश और मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग (उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨) इसकी बड़ी वजहें हैं।
ये संशोधित अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ निराशाजनक आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आंकड़ों और 2024 की दूसरी छमाही में कंपनियों के मà¥à¤¨à¤¾à¤«à¥‡ में कमी के बाद आया है। इससे निवेशकों को देश के पहले के बेहतर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ पर दोबारा सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। नई चिंताओं के बीच अधिकारियों पर दबाव बढ़ रहा है कि वो मौदà¥à¤°à¤¿à¤• नीतियों में ढील देकर और सरकारी खरà¥à¤š में कमी की रफà¥à¤¤à¤¾à¤° को धीमा करके बाजार में à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ बढ़ाà¤à¤‚। खास तौर पर यह तब है, जब अमेरिका में डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के दूसरे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ कारà¥à¤¯à¤•ाल की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° के आउटलà¥à¤• पर और à¤à¥€ अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ छा गई है।
à¤à¤®à¤•े गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² फाइनेंशियल सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤œ की मà¥à¤–à¥à¤¯ अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ माधवी अरोड़ा ने कहा, 'आपको लोगों में निवेश करने का जोश फिर से जगाना होगा और साथ ही यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि खपत बढ़े। यह इतना आसान नहीं है।' उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपने राजकोषीय बैलेंस शीट को बढ़ा सकता है या बà¥à¤¯à¤¾à¤œ दरों में कटौती कर सकता है।
à¤à¤¸à¥€ बातें तब सामने आ रही हैं जब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ कारोबारियों के साथ लगातार मीटिंग कर रहे हैं। कारोबारियों को घटती मांग की वजह से चिंता हो रही है। वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤²à¤¾ सीतारमण ने दिसंबर में उदà¥à¤¯à¥‹à¤— जगत और अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ कई बैठकें कीं। यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सालाना बजट से पहले की आम बात है, जिसे 1 फरवरी को पेश किया जाà¤à¤—ा।
उदà¥à¤¯à¥‹à¤— और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° संगठनों की मांगों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, उन चरà¥à¤šà¤¾à¤“ं में वृदà¥à¤§à¤¿ को बढ़ावा देने के लिठकà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ दिठगठहैं जिनमें उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के हाथ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसा डालना, टैकà¥à¤¸ और टैरिफ में कटौती शामिल हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को लेकर चिंताओं की वजह से सितंबर के अंत से नवंबर तक बेंचमारà¥à¤• निफà¥à¤Ÿà¥€ 50 इंडेकà¥à¤¸ में 12 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की गिरावट आई थी। लेकिन इसने उन नà¥à¤•सानों को फिर से à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ कर ली और 2024 का अंत 8.7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की बढ़त के साथ हà¥à¤†à¥¤ यह अचà¥à¤›à¥€ बढ़त है, लेकिन पिछले साल के 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के उछाल से काफी कम है। जैसे-जैसे à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ कम होता जा रहा है, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ को बढ़ावा देने का राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
पिछले महीने पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मंथली इकोनॉमिक रिपोरà¥à¤Ÿ में कहा गया है कि केंदà¥à¤° सरकार की सखà¥à¤¤ मौदà¥à¤°à¤¿à¤• नीति मांग में कमी का à¤à¤• कारण रही है। मोदी ने हाल ही में कà¥à¤› बड़े बदलाव किठहैं जिनसे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ को महंगाई पर काबू पाने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता मिलने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है।
दिसंबर में à¤à¤• चौंकाने वाले फैसले में, मोदी ने संजय मलà¥à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¤¾ को आरबीआई का नया गवरà¥à¤¨à¤° नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शकà¥à¤¤à¤¿à¤•ांत दास की जगह ली है, जो à¤à¤• à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द नौकरशाह थे और जिनके बैंक के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– के रूप में à¤à¤• या दो साल का और कारà¥à¤¯à¤•ाल मिलने की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• उमà¥à¤®à¥€à¤¦ थी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बैंक में छह साल पूरे कर लिठथे। मलà¥à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¤¾ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ सितंबर तिमाही की वृदà¥à¤§à¤¿ के अपेकà¥à¤·à¤¾ से बहà¥à¤¤ अधिक धीमी 5.4 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हो जाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद हà¥à¤ˆà¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हाल ही में कहा था कि केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बैंक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठउचà¥à¤š विकास पथ का समरà¥à¤¥à¤¨ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगा।
सेंटर फॉर सोशल à¤à¤‚ड इकोनॉमिक पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¸ में विजिटिंग सीनियर फेलो संजय कथूरिया का कहना है कि जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अà¤à¥€ à¤à¥€ विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर बेहतर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ कर सकती है। सवाल यह है कि कà¥à¤¯à¤¾ यह 6.5-7.5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ बनाठरख सकती है या 5 -6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक धीमी हो जाà¤à¤—ी।
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