अमेरिका में आगे की पढ़ाई (हायर सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ) के लिठगये दो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की रहसà¥à¤¯à¤®à¤¯à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मौत हो गई है। दोनों छातà¥à¤° दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजà¥à¤¯ आंधà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ और तेलंगाना के थे और महज 16 दिन पहले ही अमेरिका पहà¥à¤‚चे थे। हादसा कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ट में रविवार को सामने आया।
पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मरने वाले छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के नाम गटà¥à¤Ÿà¥‚ दिनेश और निकेश हैं। दोनों की मौत सोते समय नींद में हà¥à¤ˆà¥¤ दोनों के माता-पिता को इस बारे में सूचना दे दी गई है। दिनेश तेलंगाना के वानपरà¥à¤¥à¥€ और निकेश आंधà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के शà¥à¤°à¥€à¤•ाकà¥à¤²à¤® से था। अमेरिका में दोनों à¤à¤• साथ ही रहते थे।
पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने अà¤à¥€ यह साफ नहीं किया है कि मृतà¥à¤¯à¥ का कारण कà¥à¤¯à¤¾ रहा होगा। अलबतà¥à¤¤à¤¾ गटà¥à¤Ÿà¥‚ के पिता का लगता है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मौत कारà¥à¤¬à¤¨ मोनोऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ सूघने से हà¥à¤ˆ होगी। बताते हैं कि जब इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के दोसà¥à¤¤ उनके कमरे पर पहà¥à¤‚चे तो दोनों सोये हà¥à¤ थे। उनà¥à¤¹à¥‡ जगाने की कोशिश की गई पर वे उठे नहीं। दिनेश के अंकल साईंनाथ ने बताया कि जब दोनों नहीं उठे तो उनके दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने पà¥à¤²à¤¿à¤¸ को इतà¥à¤¤à¤²à¤¾ दी और साथ ही à¤à¤‚बूलेंस बà¥à¤²à¤¾à¤ˆà¥¤ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने उनà¥à¤¹à¥‡ मृत घोषित कर दिया। मृतà¥à¤¯à¥ का कारण अà¤à¥€ तक पता नहीं चला है।
दिनेश ने पिछले ही साल चेनà¥à¤¨à¤ˆ की à¤à¤• यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से कंपà¥à¤¯à¥‚टर साइंस में बी.टेक डिगà¥à¤°à¥€ हासिल थी और उसे कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ट की सेकरेड हारà¥à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में आगे की पढ़ाई के लिठदाखिला मिल गया था। निकेश के बार में अधिक जानकारी हासिल नहीं हो सकी है और न ही उसके परिजनों का कà¥à¤› बà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¾ अà¤à¥€ मिल पाया है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login