à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾, फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ और सामाजिक वकील नंदिता दास ने विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) के 5वें हेलà¥à¤¥ फॉर ऑल फिलà¥à¤® फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² में जूरर के रूप में काम किया। फिलà¥à¤® फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² का यह पांचवां साल है। दास ने कानà¥à¤¸ फिलà¥à¤® फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² की जूरी में दो बार काम किया है और 10 अलग-अलग à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में 40 से अधिक फीचर फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया है।
इस वरà¥à¤· फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं से लगà¤à¤— 1,000 पà¥à¤°à¤µà¤¿à¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ˆà¤‚। इनमें लैंगिक समानता, यà¥à¤¦à¥à¤§ आघात, बरà¥à¤¨à¤†à¤‰à¤Ÿ, जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को समाहित किया गया था। इनमें से 61 चà¥à¤¨à¥€ गई फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पेशेवरों, कलाकारों और कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के à¤à¤• पैनल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया।
पैनल में पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ और वकील नंदिता दास, शेरोन सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨, अलà¥à¤«à¥‹à¤‚सो हेरेरा, फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ अपोलिन टà¥à¤°à¥‰à¤°à¥‡, ओलंपिक तैराक और यूà¤à¤¨à¤à¤šà¤¸à¥€à¤†à¤° सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ राजदूत यà¥à¤¸à¤°à¤¾ मरà¥à¤¦à¤¿à¤¨à¥€; बहà¥à¤µà¤¿à¤·à¤¯à¤• कलाकार मारियो मैकिलौ और फिलà¥à¤® निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• पॉल जरà¥à¤¨à¤¡à¤¾à¤² शामिल थे।
जूरी में दूसरी बार सेवाà¤à¤‚ देने को लेकर नंदिता ने कहा कि हेलà¥à¤¥ फॉर ऑल फिलà¥à¤® फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² का जूरर बनकर खà¥à¤¶à¥€ हो रही है। फ़िलà¥à¤®à¥‡à¤‚ जागरूकता पैदा कर सकती हैं, पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दे सकती हैं, असहज पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछ सकती हैं और à¤à¤¸à¥€ कहानियां बता सकती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताने की ज़रूरत है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और सामूहिक रूप से हमारा अधिकार और जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है। इसलिठइन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ का जशà¥à¤¨ मनाना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। मà¥à¤à¥‡ खà¥à¤¶à¥€ है कि मà¥à¤à¥‡ इस वारà¥à¤·à¤¿à¤• आयोजन के 5वें संसà¥à¤•रण के विजेताओं की घोषणा करने का अवसर मिला है।
नंदिता दास वाशिंगटन डीसी में अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महिला मंच के इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली पहली à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ थीं। दास को 2011 में 'हमारे समय के सबसे मनोरंजक सिनेमा कला नेताओं में से à¤à¤• के रूप में कला और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में उनके निरंतर योगदान' के लिठमानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ दी गई थी।
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