à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शहर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज में महाकà¥à¤‚ठ2025 के दौरान निरंजनी अखाड़ा के मठाधीशों ने अमेरिकी à¤à¤•à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾à¤¨à¤‚द गिरी को महा मंडलेशà¥à¤µà¤° के पद पर नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया। नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ को शà¥à¤°à¥€ निरंजनी महंत रविंदà¥à¤° पà¥à¤°à¥€ ने बताया, “उनके कई अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ हैं, और वे योग व तीसरी आंख जागरण के विशेषजà¥à¤ž हैं।”
वà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾à¤¨à¤‚द गिरी, जिनका पूरà¥à¤µ नाम टॉम था, का à¤à¤• आशà¥à¤°à¤® ऋषिकेश में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। वे आचारà¥à¤¯ महामंडलेशà¥à¤µà¤° सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ कैलाशानंद गिरी महाराज के शिषà¥à¤¯ हैं, जो सà¥à¤Ÿà¥€à¤µ जॉबà¥à¤¸ की पतà¥à¤¨à¥€ लॉरेन पॉवेल जॉबà¥à¤¸ के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥ à¤à¥€ हैं।
सà¥à¤Ÿà¥€à¤µ जॉबà¥à¤¸ की पतà¥à¤¨à¥€ लॉरेन, जो सिलिकॉन वैली के तकनीकी गà¥à¤°à¥ हैं, ने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज में महाकà¥à¤‚ठके दौरान निरंजनी अखाड़ा के साथ समय बिताया। à¤à¤• à¤à¤•à¥à¤¤ ने बताया, "वह अब आशà¥à¤°à¤® छोड़कर à¤à¥‚टान चली गई हैं। वह वहां से अमेरिका लौट जाà¤à¤‚गी।"
अमेरिकी à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा
शà¥à¤°à¥€ निरंजनी महंत रविंदà¥à¤° पà¥à¤°à¥€ ने अमेरिकी à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहरी धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और आतà¥à¤®-अवलोकन की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की सराहना की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, “जब कोई अमेरिकी धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करने बैठता है, तो à¤à¤¸à¤¾ लगता है जैसे वह पतà¥à¤¥à¤° का बन गया हो। वे तीन से चार घंटे तक à¤à¤•दम सà¥à¤¥à¤¿à¤° रह सकते हैं। वे अनà¥à¤à¤µ की जड़ तक पहà¥à¤‚चना चाहते हैं।”
निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेशà¥à¤µà¤°, परमानंद पà¥à¤°à¥€ अरà¥à¤œà¥€à¤µà¤¾à¤²à¥‡ हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ मंदिर उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨ ने अमेरिका में सनातन धरà¥à¤® को मिल रहे समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकियों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की सराहना की और कहा कि वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस में दीवाली का उतà¥à¤¸à¤µ सनातन धरà¥à¤® के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कड़ी मेहनत और उनके नैतिक मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है।
महाकà¥à¤‚ठ2025 में आने का आगà¥à¤°à¤¹
महंत पà¥à¤°à¥€ ने सà¤à¥€ अमेरिकियों से महाकà¥à¤‚ठ2025 में शामिल होने का आगà¥à¤°à¤¹ किया, जो 144 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤• बार आने वाला अवसर है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, “सà¤à¥€ विशेषजà¥à¤ž à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤•तà¥à¤° होते हैं। यह अनà¥à¤à¤µ अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ है। à¤à¤•à¥à¤¤ योग, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, और तीसरी आंख जागरण के पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।”
महाकà¥à¤‚ठजैसे अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ आयोजन में à¤à¤¾à¤— लेने का यह à¤à¤• सà¥à¤µà¤°à¥à¤£à¤¿à¤® अवसर है, जो न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• धरोहर को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है, बलà¥à¤•ि वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर सनातन धरà¥à¤® की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•ता और उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बढ़ती रà¥à¤šà¤¿ को à¤à¥€ उजागर करता है।
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