विदेशों में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अब सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसा खाड़ी देशों से नहीं, बलà¥à¤•ि अमेरिका जैसे विकसित देशों से à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥‡à¤œ रहे हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अमेरिका अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विदेशी धन à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ वाला देश बन गया है। यह पैसा जो विदेशों से à¤à¤¾à¤°à¤¤ आता है, उसे रेमिटेंस कहते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ है रेमिटेंस?
रेमिटेंस यानी जब कोई à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदेश में नौकरी या बिज़नेस करके वहां से अपने परिवार या रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पैसा à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है। यह पैसा à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ अहम होता है। साल 2022 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ को कà¥à¤² 100 अरब डॉलर से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रेमिटेंस मिला था — यानी विदेशों से पैसा आने के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में नंबर 1 रहा।
अब अमेरिका बना सबसे बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤
रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अमेरिका अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रेमिटेंस à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ वाला सबसे बड़ा देश बन गया है, जिसकी हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ 27.7% है। इसके बाद यूà¤à¤ˆ (19.2%), बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ (10.8%) और सिंगापà¥à¤° (6.6%) का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ आता है। इससे यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि रेमिटेंस अब कम मजदूरी वाले कामों से नहीं, बलà¥à¤•ि उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पेशेवरों और तकनीकी विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा रहा है।
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केरल की वापसी, पंजाब-तेलंगाना उà¤à¤°à¤¤à¥‡ राजà¥à¤¯
राजà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤° आंकड़ों की बात करें तो महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° अब à¤à¥€ सबसे अधिक रेमिटेंस पाने वाला राजà¥à¤¯ है, लेकिन उसकी हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ घट रही है। महामारी के बाद केरल ने मजबूत वापसी की है। वहीं तेलंगाना और पंजाब में à¤à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और कà¥à¤¶à¤² शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों की वजह से रेमिटेंस में तेजी आई है।
जहां पारंपरिक रà¥à¤ªà¥€ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ग अरेंजमेंट (RDA) के जरिठअब à¤à¥€ 54.8% रेमिटेंस आते हैं, वहीं फिनटेक पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤®à¥à¤¸ के उपयोग में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है। ये पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® रेमिटेंस को तेज, ससà¥à¤¤à¤¾ और पारदरà¥à¤¶à¥€ बना रहे हैं।
मजबूत विदेशी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¤‚डार, लेकिन रणनीति की ज़रूरत
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पास वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में $677.8 अरब का विदेशी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¤‚डार है, जो 11 महीने के आयात और 93% बाहà¥à¤¯ ऋण को कवर करने में सकà¥à¤·à¤® है। हालांकि, विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि यह सिरà¥à¤« ‘बफ़र’ है, और अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रेमिटेंस को मातà¥à¤°à¤¾ से मूलà¥à¤¯ की ओर ले जाने की रणनीति बनानी होगी।
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