à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर राज करते हà¥à¤ अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ ने उसे जमकर लूटा था, ये बात इतिहास की कई किताबों में दरà¥à¤œ है। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ काल में à¤à¤¾à¤°à¤¤ से कितनी रकम लूटकर ले जाई गई थी, इसका सही-सही अंदाजा नहीं था। लेकिन अब ऑकà¥à¤¸à¤«à¥ˆà¤® की à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ से लूटी गई रकम इतनी थी कि 50 पाउंड के नोटों से लंदन को चार बार ढका जा सकता है।
दावोस में विशà¥à¤µ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मंच (WEF) की वारà¥à¤·à¤¿à¤• बैठक के दौरान ऑकà¥à¤¸à¤«à¥ˆà¤® की 'टेकरà¥à¤¸, नॉट मेकरà¥à¤¸' रिपोरà¥à¤Ÿ में कहा गया है कि 1765 से 1900 के बीच बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासनकाल में à¤à¤¾à¤°à¤¤ से अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 64.82 टà¥à¤°à¤¿à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डॉलर (करीब 5600 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡) मूलà¥à¤¯ की संपतà¥à¤¤à¤¿ लूटी थी। इसमें से 33.8 टà¥à¤°à¤¿à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डॉलर बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के सबसे धनी 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों के पास पहà¥à¤‚ची थी।
रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, साल 1750 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ थी, जो 1900 तक घटकर केवल 2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ रह गई। इसकी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सीधे तौर पर औपनिवेशिक नीतियां थीं जिसने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª के समृदà¥à¤§ कपड़ा उदà¥à¤¯à¥‹à¤— को बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ कर दिया था।
ऑकà¥à¤¸à¤«à¥ˆà¤® की रिपोरà¥à¤Ÿ में कहा गया है कि बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ काल में यह पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€à¤—त विनाश à¤à¤¾à¤°à¤¤ का शोषण करने के लिठऔपनिवेशिक सà¥à¤¤à¤° पर उठाया गया पहला कदम था। इससे जो असंतà¥à¤²à¤¨ बना, उससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ आज तक उबर नहीं सका है।
बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ राज ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को आरà¥à¤¥à¤¿à¤• ही नहीं, मानवीय रूप से à¤à¥€ बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ किया था। रिपोरà¥à¤Ÿ बताती है कि साल 1891 से 1920 के बीच à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 5.9 करोड़ अतिरिकà¥à¤¤ मौतें हà¥à¤ˆà¤‚ थी। इसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह अकाल, बीमारियां और औपनिवेशिक शासन की नीतियों से फैली गरीबी थी। 1943 में बंगाल में फैले अकाल में 30 लाख से अधिक लोग मारे गठथे।
रिपोरà¥à¤Ÿ में 10 चीजों की पहचान की गई है, जो उपनिवेशों की कीमत पर अब तक सबसे धनी देशों को फायदा पहà¥à¤‚चा रही हैं। इनमें अमीर-गरीब का बढ़ता फासला, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ नà¥à¤•सान और गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ चेन की शोषणकारी पà¥à¤°à¤•ृति जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ शामिल हैं।
ऑकà¥à¤¸à¤«à¥ˆà¤® की रिपोरà¥à¤Ÿ कहती है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤²à¥‡ ही अब बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन न रहा हो, लेकिन आरà¥à¤¥à¤¿à¤• शोषण के तंतà¥à¤° और मजबूत हà¥à¤ हैं। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ काल से संबंध रखने वाली कई बहà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कंपनियां अब à¤à¥€ शोषणकारी समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ और ससà¥à¤¤à¥‡ शà¥à¤°à¤® के जरिठगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² साउथ से अपनी जेबें à¤à¤° रही हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में उपनिवेशवाद आरà¥à¤¥à¤¿à¤• नियंतà¥à¤°à¤£ का सूकà¥à¤·à¥à¤® रूप बन चà¥à¤•ा है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login