नà¥à¤¯à¥‚जरà¥à¤¸à¥€ के रॉबिनà¥à¤¸à¤µà¤¿à¤²à¥‡ में हाल ही में खà¥à¤²à¥‡ बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ अकà¥à¤·à¤°à¤§à¤¾à¤® मंदिर के संचालन में सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों का बड़ा सहयोग है। कई बार वॉलंटियरà¥à¤¸ के योगदान को देखकर लोग चकित रह जाते हैं। ये कहना है मंदिर के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चैतनà¥à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ दास सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ का, जो मंदिर के संचालन का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ असाधारण सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवा को देते हैं।
चैतनà¥à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ दास सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ से खास बातचीत में बताया कहा कि आज के दौर में लोगों के पास दूसरों के लिठसमय नहीं है। इसके बावजूद यह पूरा मंदिर सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाया गया और अब संचालित à¤à¥€ किया जा रहा है। यह तथà¥à¤¯ कि यहां सब कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित किया जाता है, बहà¥à¤¤ से लोगों को आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित करता है। निसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ सेवा की यह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ आगंतà¥à¤•ों को बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करती है।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने बताया कि अकà¥à¤Ÿà¥‚बर के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ के बाद से ही यहां बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में लोग आ रहे हैं। लोगों की à¤à¥€à¤¡à¤¼ को देखते हà¥à¤ हमने रजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® शà¥à¤°à¥‚ किया है। इसके तहत à¤à¤• समय में सीमित संखà¥à¤¯à¤¾ में लोगों को ही अंदर जाने दिया जाता है। मई में इस सिसà¥à¤Ÿà¤® के शà¥à¤°à¥‚ होने के बाद से लोगों को अब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इंतजार नहीं करना पड़ता है।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जी ने बताया कि कई कंपनियों के सीईओ और नेताओं समेत तमाम गणमानà¥à¤¯ नागरिक इस मंदिर का दौरा कर चà¥à¤•े हैं और सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवा के इस मॉडल की खूब तारीफ कर चà¥à¤•े हैं। यह à¤à¤• उदाहरण है कि सामूहिक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ और समरà¥à¤ªà¤£ से कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤› हासिल किया जा सकता है।
पिछले साल अकà¥à¤Ÿà¥‚बर में खà¥à¤²à¥‡ इस मंदिर का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ से परे है। इससे रॉबिंसविले और नà¥à¤¯à¥‚जरà¥à¤¸à¥€ की सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को à¤à¥€ लाठहोता है। यहां की टाउनशिप रॉबिंसविले और नà¥à¤¯à¥‚जरà¥à¤¸à¥€ राजà¥à¤¯ में आने वाले लोगों के लिठजरूरी गंतवà¥à¤¯ बन चà¥à¤•े हैं। पेंसिलà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, नà¥à¤¯à¥‚जरà¥à¤¸à¥€ और नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• के à¤à¤•à¥à¤¤ लोग अपने मेहमानों को लेकर यहां खूब आते हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिवारों के लिठयह कोई नई बात नहीं है, लेकिन अमेरिकी लोगों के लिठइस तरह के कलातà¥à¤®à¤• मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को देखना à¤à¤• नया और अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ अनà¥à¤à¤µ है। अब विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के अमेरिकी लोग à¤à¥€ यहां आ रहे हैं और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता और विरासत के बारे में सीख रहे हैं। यह à¤à¤• बड़ी सफलता है।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने बताया कि मंदिर में पूरे वरà¥à¤· कई तरह के उतà¥à¤¸à¤µ चलते है। इस दौरान संगीत, नृतà¥à¤¯ और फूड फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² जैसे कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® होते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि मंदिर का शिलà¥à¤ª कौशल और सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¤à¥à¤¯ चमतà¥à¤•ारिक है। यहां तक कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मंदिरों से परिचित लोग à¤à¥€ यहां की जटिल नकà¥à¤•ाशी और अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ शिलà¥à¤ª के मà¥à¤°à¥€à¤¦ हो जाते हैं।
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