पà¥à¤°à¤£à¤µ देसाई दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों विशेष रूप से विकलांग लोगों के लिठà¤à¤• नवोनà¥à¤®à¥‡à¤·à¤• और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, अधिवकà¥à¤¤à¤¾ और उदà¥à¤¯à¤®à¥€ हैं। उनका संगठन, वॉयस ऑफ सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¥€ डिसेबलà¥à¤¡ पीपल (VOSAP) à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°-मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विकलांगता à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ है जो परिवरà¥à¤¤à¤¨ निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं के रूप में कारà¥à¤¯ करने वाले सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों के à¤à¤• बड़े आंदोलन को सशकà¥à¤¤ बनाने और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठपà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¤¾à¤°à¥à¤®à¥‹à¤‚ का उपयोग करता है ताकि उनके दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सके: विशेष रूप से सकà¥à¤·à¤® लोगों का à¤à¤• समावेशी और सà¥à¤²à¤ और सशकà¥à¤¤ समाज बनाà¤à¤‚।
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