मà¥à¤¯à¥‚जियम ऑफ फाइन आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸, हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ 9 जून से 2 सितंबर 2024 तक 'रकीब शॉ: बैलाडà¥à¤¸ ऑफ ईसà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड वेसà¥à¤Ÿ' पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। इसका आयोजन फà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ आरà¥à¤Ÿ मà¥à¤¯à¥‚जियम, नैशविले और इसाबेला सà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤°à¥à¤Ÿ गारà¥à¤¡à¤¨à¤° मà¥à¤¯à¥‚जियम, बोसà¥à¤Ÿà¤¨ की ओर से किया जा रहा है। शोकेस में लंदन के à¤à¤• कलाकार रकीब शॉ के चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ को दिखाया जाà¤à¤—ा, जो अपने आरà¥à¤Ÿ में पूरà¥à¤µà¥€ और पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के फà¥à¤¯à¥‚जन के लिठजाने जाते हैं।
मà¥à¤¯à¥‚जियम ऑफ फाइन आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸, हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ के निदेशक गैरी टिंटेरो का कहना है कि 'रकीब शॉ का बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड कशà¥à¤®à¥€à¤° की असाधारण रूप से खूबसूरत घाटी में बचपन के अनà¥à¤à¤µ की सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤•ट होता है। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• कशà¥à¤®à¥€à¤° का दà¥à¤–द इतिहास, पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ और पूरà¥à¤µà¥€ दोनों कला के इतिहास के बारे में उनका जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अदà¥à¤à¥à¤¤ है।
बà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ कà¥à¤¯à¥‚रेटर और कला के इतिहास पर वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¾ डॉ. जेहरा जà¥à¤®à¤¾à¤à¥‹à¤¯ बताती हैं कि रकीब शॉ किपलिंग के गाथागीत की अगली पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ हैं। जब समान विचारधारा वाली आतà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ मिलती हैं तो वे 'न तो पूरà¥à¤µ है और न ही पशà¥à¤šà¤¿à¤®'। à¤à¤²à¥‡ ही वे पृथà¥à¤µà¥€ के छोर से आते हैं। शॉ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ शानदार दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ बनाते हैं कि इस मिलन को उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय परिणामों के साथ कला में जोड़ा जा सकता है।
1974 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कोलकाता में जनà¥à¤®à¥‡ राकिब शॉ ने अपना अधिकांश बचपन कशà¥à¤®à¥€à¤° में बिताया। शॉ की पेंटिंग कला और अलंकरण के बीच की रेखाओं को धà¥à¤‚धला करती हैं, जिसमें जापानी सौंदरà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°, मà¥à¤—ल कलाकृतियों, इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ और इंडो-फारसी वासà¥à¤¤à¥à¤•ला जैसी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संसà¥à¤•ृतियों के ततà¥à¤µ शामिल हैं। वह अपनी पेंटिंग में अनूठी तकनीकों का उपयोग करते हैं। अपने आरà¥à¤Ÿ को गहने, चमक और अरà¥à¤§-कीमती पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ से अलंकृत करते हैं, जिससे उसके टà¥à¤•ड़ों की à¤à¤µà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और आकरà¥à¤·à¤£ बढ़ जाता है।
आयोजकों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दरà¥à¤¶à¤• नायक के रूप में शॉ का सामना करेंगे, जिसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सेटिंगà¥à¤¸ में दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। जो अंधेरे और संघरà¥à¤· के संकेतों के साथ विलासिता के ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। जो कशà¥à¤®à¥€à¤° के अशांत इतिहास को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¨ डी लीमा गà¥à¤°à¥€à¤¨, इसाबेल बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ विलà¥à¤¸à¤¨, à¤à¤®à¤à¤«à¤à¤à¤š में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• और समकालीन कला के कà¥à¤¯à¥‚रेटर का कहना है कि रकीब शॉ की पेंटिंग à¤à¤• बार मोहक और परेशान करने वाली हैं। कलाकार चतà¥à¤°à¤¾à¤ˆ से न केवल पूरà¥à¤µ और पशà¥à¤šà¤¿à¤®, बलà¥à¤•ि सà¥à¤‚दरता और संघरà¥à¤·, आशा और लालसा, अपने रसीले और मोहक परिदृशà¥à¤¯ और अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¤• साथ बà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है।
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