साल 2024 जाने वाला है और नठसाल की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होने वाली है। नà¥à¤¯à¥‚ ईयर से पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने 2024 में किठअहम कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गिनाई। जिसमें à¤à¤• सदी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ आपराधिक कानूनों को बदलना, विवादासà¥à¤ªà¤¦ संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीà¤à¤) को लागू करना और मणिपà¥à¤° में हिंसा को रोकने के लिठकारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करने जैसे कारà¥à¤¯ गिनाठहैं। जमà¥à¤®à¥‚-कशà¥à¤®à¥€à¤° में बिना किसी बड़ी घटना के विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ कराने में निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¨ आयोग की सहायता करना तथा नकà¥à¤¸à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हिंसा को कम करना देश के इस महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रहीं।
तीन नठआपराधिक कानूनों - à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ संहिता, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ साकà¥à¤·à¥à¤¯ अधिनियम ने औपनिवेशिक यà¥à¤— के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दंड संहिता, आपराधिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता और 1872 के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ साकà¥à¤·à¥à¤¯ अधिनियम का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ लिया। नठकानून à¤à¤• जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ से लागू हो गठहैं। सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी पà¥à¤°à¥‡à¤¸ रिलीज में गृह मंतà¥à¤°à¥€ अमित शाह ने कहा कि नठकानून नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देंगे, जबकि औपनिवेशिक काल के कानून दंडातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देते थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, ‘‘ये कानून à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठऔर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाठगठहैं और औपनिवेशिक आपराधिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ कानूनों के अंत का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं।’’
मारà¥à¤š 2024 में लागू हà¥à¤† सीà¤à¤
सीà¤à¤ को इस साल मारà¥à¤š में लागू किया गया था और मई में कानून के तहत 14 लोगों के पहले समूह को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिकता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की गई थी। सीà¤à¤ के तहत बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से आने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौदà¥à¤§, पारसी और ईसाई पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ की नागरिकता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ है। 2019 में कानून बनने के कà¥à¤› दिनों बाद ही सीà¤à¤ को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ की मंजूरी मिल गई थी, लेकिन जिन नियमों के तहत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिकता दी जानी थी, वे लगà¤à¤— चार साल की देरी के बाद 11 मारà¥à¤š को अधिसूचित किठगà¤à¥¤
मणिपà¥à¤° में हिंसा
मणिपà¥à¤° में हिंसा की घटनाà¤à¤‚ 2023 से जारी हैं। यहां बहà¥à¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• मैतेई और आदिवासी कà¥à¤•ी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के बीच जातीय संघरà¥à¤· देखा जा रहा है। लगà¤à¤— 260 लोगों की मौत, सैकड़ों के घायल होने और हजारों लोगों के विसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ के बाद à¤à¥€ पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° राजà¥à¤¯ में शांति नहीं आ पा रही है। केंदà¥à¤° ने 24 दिसंबर को पूरà¥à¤µ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह सचिव अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° à¤à¤²à¥à¤²à¤¾ को मणिपà¥à¤° का नया राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया, जो दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है कि सरकार ने राजà¥à¤¯ में शांति के लिठकारà¥à¤¯ किया।
राजà¥à¤¯ की नाजà¥à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखते हà¥à¤ केंदà¥à¤° ने नवंबर में हिंसा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जिरीबाम सहित मणिपà¥à¤° के छह पà¥à¤²à¤¿à¤¸ थाना कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में सशसà¥à¤¤à¥à¤° बल विशेष शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अधिनियम (अफसà¥à¤ªà¤¾) को फिर से लागू कर दिया।
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