अमेरिका के ओहियो के डेटन में राइट सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के सिख छातà¥à¤°à¥‹à¤‚, शिकà¥à¤·à¤•ों और पूरà¥à¤µ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ-साथ डेटन और सिनसिनाटी के सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ ने सिख नव वरà¥à¤· और फसलों का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° 'वैसाखी' की मेजबानी की और धूमधाम से जशà¥à¤¨ मनाया। सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के समृदà¥à¤§ इतिहास, परंपराओं को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤• जीवंत पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का à¤à¥€ आयोजन किया गया।
पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ में सिख इतिहास, दस गà¥à¤°à¥à¤“ं की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं, सिख योदà¥à¤§à¤¾à¤“ं की वीरता, सिखों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहनी जाने वाली पगड़ी की विशिषà¥à¤Ÿ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾, सिख इतिहास में महिलाओं की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका, सिख शादी और अनà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ के बारे में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• विषयों को शामिल किया गया था। सिख इतिहास और परंपरा से संबंधित चितà¥à¤°, पोसà¥à¤Ÿà¤° और किताबों के अलावा हारमोनियम, रबाब, दिलरà¥à¤¬à¤¾ और तबला सहित संगीत वादà¥à¤¯à¤¯à¤‚तà¥à¤° à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किठगà¤à¥¤
उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लोगों को पगड़ी बांधने के सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठà¤à¥€ आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया गया था। इस वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• अनà¥à¤à¤µ ने पगड़ी के महतà¥à¤µ को सामने रखा। कई लोगों के लिठयह à¤à¤• यादगार अनà¥à¤à¤µ रहा। à¤à¤®à¥‡à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¸ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल इंजीनियरिंग के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° और सिख सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के सलाहकार डॉ. कà¥à¤²à¤¦à¥€à¤ª सिंह रतन ने परिसर में सांसà¥à¤•ृतिक जागरूकता और विविधता को बढ़ावा देने के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के आयोजन में अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हरà¥à¤·à¤¦à¥€à¤ª सिंह के नेतृतà¥à¤µ में à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¥€à¤•ार करते हà¥à¤ मेहमानों का गरà¥à¤®à¤œà¥‹à¤¶à¥€ से सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया।
कà¥à¤²à¤¦à¥€à¤ª सिंह ने बताया कि सिख नव वरà¥à¤· की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 14 मारà¥à¤š को चैत महीने से हà¥à¤ˆ थी। वैसाखी वैशाख महीने के पहले दिन को चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ करती है, जो सिख कैलेंडर में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है और 13 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को मनाया जा रहा है। वैसाखी 1699 में गà¥à¤°à¥ गोबिंद सिंह जी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खालसा की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की याद दिलाती है। यह पंजाब में फसलों का उतà¥à¤¸à¤µ à¤à¥€ है।
विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में रिलिजन के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° वैलेरी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤•र ने सिख धरà¥à¤® और पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं पर à¤à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤°à¥à¤§à¤• उदà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¨ दिया। इनमें गà¥à¤°à¥ गà¥à¤°à¤‚थ साहिब, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡, खालसा का जनà¥à¤®, पंज पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡, 5 पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• और वैसाखी के महतà¥à¤µ जैसे विषयों को शामिल था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² के à¤à¤• गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ में लंगर खाने के अपने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त अनà¥à¤à¤µ को साà¤à¤¾ किया, जिसमें सिख जीवन शैली में समानता और सेवा के महतà¥à¤µ पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया। हरमंदिर साहिब अमृतसर में हर दिन हजारों लोगों को खिलाने सहित दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में मà¥à¤«à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ परोसकर सिखों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजा रहे बहà¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯ योगदान पर रोशनी डाली।
राइट सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ के पूरà¥à¤µ छातà¥à¤° समीप सिंह गà¥à¤®à¤¤à¤¾à¤²à¤¾ ने बताया कि यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2003 में पहली बार अमेरिका में 11 सितंबर (9/11) के हमलों के बाद सिखों और उनकी विशिषà¥à¤Ÿ पहचान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिठआयोजित किया गया था। हरà¥à¤·à¤¦à¥€à¤ª सिंह, जैसà¥à¤®à¥€à¤¨ कौर, गà¥à¤°à¤²à¥€à¤¨ कौर, हरसीरत कौर, गगन कौर और हिमानी नारंग सहित छातà¥à¤° वकà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने केश के महतà¥à¤µ से लेकर महिलाओं के सशकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण, हरमंदिर साहिब और सिख कैलेंडर सहित सिख धरà¥à¤® के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पहलà¥à¤“ं पर अंतरà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ साà¤à¤¾ की।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने उतà¥à¤¸à¤µ में चार चांद लगा दिà¤, जिससे पूरे परिसर में खà¥à¤¶à¥€ फैल गई। उतà¥à¤¸à¤µ à¤à¤• जीवंत सांसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨, गिधा, छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• पारंपरिक पंजाबी लोक नृतà¥à¤¯ के साथ समापà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ 250 से अधिक मेहमानों को समोसे, गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जामà¥à¤¨, छोले, नॉन और चावल जैसे वà¥à¤¯à¤‚जन परोसे गà¤à¥¤
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