अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं तो सिकà¥à¤•िम से आपके लिठà¤à¤• रोमांचक खबर है। गरà¥à¤®à¥€ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अगर सिकà¥à¤•िम जाने का पà¥à¤²à¤¾à¤¨ बना रहे हैं तो आपके लिठखà¥à¤¶à¤–बरी है। पहली बार सिकà¥à¤•िम के सांगलाफू à¤à¥€à¤² को परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के लिठखोल दिया गया है। मंगन जिले में सांगलाफू à¤à¥€à¤² आपके सà¥à¤µà¤¾à¤—त के लिठतैयार है।
अधिकारियों का कहना है कि परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के लिठदà¥à¤°à¥à¤—म ऊंचाई वाली यह à¤à¥€à¤² आम जनता के लिठखà¥à¤²à¥€ है। इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की अलौकिक सà¥à¤‚दरता का पता लगाने के लिठयह आपको à¤à¤• नया अवसर देती है। संगलाफू चो (à¤à¥€à¤²) 5080 मीटर (16,670 फीट) की ऊंचाई पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। यह लाचà¥à¤‚ग के पास यà¥à¤®à¥‡à¤¸à¤®à¤¡à¥‹à¤‚ग से लगà¤à¤— 5 किमी दूर है, जिसे जीरो पॉइंट के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है।
सांगलाफू चो को 'गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ लेक' के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। इस à¤à¥€à¤² को लेकर लोगों में à¤à¤• शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ का à¤à¤¾à¤µ है। इसके पानी का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• धारà¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ का माना जाता है। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोग अकà¥à¤¸à¤° आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ लेने और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करने के लिठआते हैं। बरà¥à¤« से ढकी चोटियों और पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ जंगल से घिरी इस à¤à¥€à¤² के पास आप गहन शांति का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
à¤à¥€à¤² का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ समारोह शानदार था। à¤à¥€à¤² के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ के उपलकà¥à¤·à¥à¤¯ में लाचà¥à¤‚ग में समतेन चोलिंग मठके à¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• औपचारिक पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ आयोजित की गई थी। इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में होटल à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ और कैब डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤°à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ लाचà¥à¤‚ग दजोमसा के समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤— लिया।
लेकिन इससे पहले कि आप अपनी यातà¥à¤°à¤¾ की योजना बनाà¤à¤‚ आपको à¤à¥€à¤² की पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£ की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठकà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बातों का पालन करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। आगंतà¥à¤•ों से आगà¥à¤°à¤¹ किया जाता है कि वे टेटà¥à¤°à¤¾ पैक सहित किसी à¤à¥€ सिंगल-यूज वाली पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को लाने से परहेज करें। à¤à¥€à¤² के चारों ओर और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के à¤à¥€à¤¤à¤° थूकना सखà¥à¤¤ मना है।
सिकà¥à¤•िम के उतà¥à¤¤à¤°-पूरà¥à¤µ में बसा संगलाफू सिकà¥à¤•िम का à¤à¤• विरासत सà¥à¤¥à¤² है। यह न केवल à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ है बलà¥à¤•ि इसका बहà¥à¤¤ बड़ा धारà¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ à¤à¥€ है। 5425 मीटर (17,800 फीट) की ऊंचाई पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गà¥à¤°à¥à¤¡à¥‹à¤‚गमार à¤à¥€à¤² लाचेन धारा के à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में काम करती है, जो तीसà¥à¤¤à¤¾ नदी में मिलती है।
à¤à¤¸à¥‡ में जो लोग सांगलाफू à¤à¥€à¤² की यातà¥à¤°à¤¾ की योजना बना रहे हैं, उनके लिठअनà¥à¤à¤µ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से जादà¥à¤ˆ होने वाला है। संगलाफू à¤à¥€à¤² की यातà¥à¤°à¤¾ अपने आप में à¤à¤• साहसिक कारà¥à¤¯ है, जिसमें सड़कें ऊबड़-खाबड़ इलाकों और हिमालय के लà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¥‡ नजारों से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ हैं।
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