सिंगापà¥à¤° के सबसे उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œ ओलंपियन और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हॉकी खिलाड़ी अजीत सिंह गिल का मंगलवार को 95 साल की उमà¥à¤° में निधन हो गया। गिल के परिवार में उनकी 92 साल की पतà¥à¤¨à¥€ सà¥à¤°à¤œà¥€à¤¤ कौर, पांच बचà¥à¤šà¥‡, 10 पोते-पोतियां और पांच परपोते-परपोतियां हैं।
परिवार और दोसà¥à¤¤ गिल को à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ खेल-पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ शखà¥à¤¸ के रूप में याद करते हैं, जिनके अथक परिशà¥à¤°à¤® और खेल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ने कई लोगों को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया। उनके बड़े बेटे और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• डॉ. मेल गिल ने कहा कि उनके पिता के कूलà¥à¤¹à¥‡ में पिछले साल फरवरी में फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो गया था, लेकिन वह तीन महीने में ठीक हो गà¤à¥¤ हालांकि, बाद में किडनी खराब होने के कारण उनका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ बिगड़ गया।
सिंगापà¥à¤° राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ ओलंपिक परिषद की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· गà¥à¤°à¥‡à¤¸ फू ने कहा कि गिल के निधन की खबर से वह दà¥à¤–ी हैं। उनके परिवार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अजीत अपने समय के सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ खिलाड़ी थे। वह अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¥€ खेल कैरियर के बाद सिंगापà¥à¤° के खेलों में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहे और कई गतिविधियों में à¤à¤¾à¤— लिया। उनकी बहà¥à¤¤ याद आà¤à¤—ी।
सिंगापà¥à¤° हॉकी महासंघ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· मथावन देवदास ने कहा कि मैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 50 साल से अधिक समय से जानता था जब वह à¤à¤• सà¥à¤•ूल शिकà¥à¤·à¤• थे। वह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे। वह à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे, जो 90 के दशक में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ थे। वह अà¤à¥€ à¤à¥€ गोलà¥à¤« खेल रहे थे। वह हमेशा खिलाड़ियों से बात करने और अपने अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ करने के लिठउपलबà¥à¤§ रहते थे। वासà¥à¤¤à¤µ में वे हम सबके लिठà¤à¤• जीवंत पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ थे।
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