à¤à¤• ताजा अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ हà¥à¤† है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर महिलाओं में à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ औसत से करीब 20 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक है। यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित जरà¥à¤¨à¤² गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² पबà¥à¤²à¤¿à¤• हेलà¥à¤¥ में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤† है, जिसमें टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया है।
रिपोरà¥à¤Ÿ में बताया गया है कि सरकार की "टेसà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड टà¥à¤°à¥€à¤Ÿ" योजना के तहत à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मरीजों को तà¥à¤°à¤‚त मà¥à¤«à¥à¤¤ à¤à¤‚टीरेटà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤² थेरेपी (ART) उपलबà¥à¤§ कराई जाती है। इसके बावजूद, टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर महिलाओं के लिठइस जीवनरकà¥à¤·à¤• उपचार तक पहà¥à¤‚च बेहद सीमित बनी हà¥à¤ˆ है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तंगी, सामाजिक à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ और जेंडर-अफरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग हेलà¥à¤¥à¤•ेयर की कमी जैसी संरचनातà¥à¤®à¤• बाधाà¤à¤‚ इस समसà¥à¤¯à¤¾ को और गंà¤à¥€à¤° बना रही हैं। कई टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर महिलाà¤à¤‚ दवा लेना शà¥à¤°à¥‚ तो करती हैं, लेकिन विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से उनका इलाज बाधित हो जाता है, जिससे उनकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और खराब हो सकती है।
यह à¤à¥€ पढ़ेंः सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ सेकà¥à¤Ÿà¤° की सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से मारà¥à¤š में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की बिजनेस गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में गिरावट : PMI
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ से निपटने के लिठकेवल मà¥à¤«à¥à¤¤ इलाज देना ही परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं है, बलà¥à¤•ि समाज में जागरूकता बढ़ाने, रोजगार के अवसर देने और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवाओं को टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर अनà¥à¤•ूल बनाने की à¤à¥€ जरूरत है।
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