अमेरिका में à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ मूल के लोगों को लेकर à¤à¤• चिंताजनक सोच उà¤à¤° रही है। द à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ अमेरिकन फाउंडेशन (TAAF) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी 2025 की STAATUS Index रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हर 10 में से 4 अमेरिकी (यानी 40%) मानते हैं कि à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी लोग अमेरिका के बजाय अपने पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के देशों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वफादार होते हैं। यह आंकड़ा 2021 के मà¥à¤•ाबले लगà¤à¤— दोगà¥à¤¨à¤¾ हो चà¥à¤•ा है, जब यह संखà¥à¤¯à¤¾ 21% थी।
रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, यह सोच लगातार बढ़ते “परà¥à¤ªà¥‡à¤šà¥à¤…ल फॉरनर” (हमेशा बाहरी समà¤à¤¨à¤¾) जैसे नसà¥à¤²à¥€à¤¯ पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ और à¤à¥‚-राजनीतिक तनावों का नतीजा है। TAAF के CEO नॉरà¥à¤®à¤¨ चेन ने कहा, “पिछले पांच सालों में यह साबित हो गया है कि à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकियों को अब à¤à¥€ बाहरी और संदिगà¥à¤§ नजरों से देखा जा रहा है।”
यह à¤à¥€ पढ़ें- टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की वापसी से डरे दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी, सरà¥à¤µà¥‡ में खà¥à¤²à¥€ चिंता की परतें
रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– बिंदà¥
63% à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकियों ने खà¥à¤¦ को असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करने की बात कही और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ का डर जताया।
25% अमेरिकी मानते हैं कि चीनी अमेरिकी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठखतरा हैं।
40% अमेरिकी चाहते हैं कि अमेरिका में रहने वाले विदेशी नागरिकों को जमीन खरीदने से रोका जाठ– खासकर चीनियों के खिलाफ कई राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥‡ कानून लाठजा रहे हैं।
42% अमेरिकी कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी शखà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¤ का नाम नहीं बता पाà¤à¥¤
50% से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ पैसिफिक आइलैंडर या नेटिव हवाईयन का नाम नहीं जानते।
25% से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों की कोई à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी से निजी जान-पहचान नहीं है।
रिपोरà¥à¤Ÿ बताती है कि यà¥à¤µà¤¾ अमेरिकियों (16–24 उमà¥à¤° वरà¥à¤—) के लिठजापानी à¤à¤¨à¥€à¤®à¥‡ और कोरियन डà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾ ही à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की जानकारी का मà¥à¤–à¥à¤¯ जरिया है, जिससे विदेशी पॉप कलà¥à¤šà¤° और अमेरिकी à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ पहचान के बीच à¤à¥à¤°à¤® पैदा हो रहा है।
कामकाजी माहौल में à¤à¥€ à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ: à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकियों को आज à¤à¥€ ‘मॉडल माइनॉरिटी’ के चशà¥à¤®à¥‡ से देखा जाता है – मेहनती और पढ़ाकू, लेकिन कम आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• और कमजोर नेतृतà¥à¤µ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले।
फिर à¤à¥€, à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ बात यह रही कि 80% अमेरिकी AANHPI (Asian American, Native Hawaiian, Pacific Islander) समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ बढ़ाने वाली नीतियों के पकà¥à¤· में हैं। 41% लोग चाहते हैं कि सà¥à¤•ूलों में à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी इतिहास को पढ़ाया जाà¤à¥¤ यह सरà¥à¤µà¥‡ 22 जनवरी से 25 फरवरी 2025 के बीच ऑनलाइन किया गया था, जिसमें 4,909 अमेरिकी नागरिकों ने हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया।
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