बालà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥‹à¤° (Baltimore) में रहने वाले पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€-अमेरिकी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥€ साजिद तरार ने गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के उदय का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी को दिया है। तरार ने New India Abroad को दिठà¤à¤• साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में कहा कि यह चमतà¥à¤•ार के अलावा कà¥à¤› नहीं है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 97 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहे हैं। तरार 1990 के दशक में अमेरिका में बस गठथे। वह सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से अचà¥à¤›à¥€ तरह से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं।
तरार ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ सबसे बड़ा लोकतंतà¥à¤° है। मैं वहां मोदी जी की लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ देख रहा हूं। 2024 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का उदय अदà¥à¤à¥à¤¤ है। यह à¤à¤• बताने लायक कहानी है।आप à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में देखेंगे कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोकतंतà¥à¤° से सीखेगी।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ का उदय इस तथà¥à¤¯ में à¤à¥€ दिखता है कि गूगल, माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‰à¤«à¥à¤Ÿ या विशà¥à¤µ बैंक जैसी कंपनियों के वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नेता बनने के बाद à¤à¥€ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की देश के लिठवही à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ हैं। हमें मोदी जैसे किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की जरूरत है जो पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को अगले सà¥à¤¤à¤° पर ले जा सके। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में हर कोई मोदी से पà¥à¤¯à¤¾à¤° करता है और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विकास की कहानी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में घूम रही है।
तरार ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के कबà¥à¤œà¥‡ वाले कशà¥à¤®à¥€à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° POK में हालिया तनाव पर à¤à¥€ टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ की, जहां सामाजिक तौर पर अशांति की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो गई है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• संकट से गà¥à¤œà¤° रहा है। महंगाई अधिक है। पेटà¥à¤°à¥‹à¤² के दाम ऊंचे हैं। IMF टैकà¥à¤¸ बढ़ाना चाहता है। बिजली के दाम बढ़ गठहैं। हम निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं हैं। POK में विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बिजली बिलों में बढ़ोतरी के कारण है।
तरार ने कहा कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• संकट से गà¥à¤œà¤° रहा है। लेकिन अहम सवाल ये है कि उसके पास पैसा कहां से आà¤à¤—ा? सरकार IMF से नठआरà¥à¤¥à¤¿à¤• पैकेज के लिठबात कर रही है। अफसोस की बात है कि जमीनी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को हल करने का कोई पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नहीं किया जा रहा है। निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ कैसे बढ़ाया जाà¤, आतंकवाद पर कैसे काबू किया जाठऔर कानून वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कैसे लाया जाà¤, इन पर कोई बात नहीं हो रही है।
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