द ताशकंद फाइलà¥à¤¸ और द कशà¥à¤®à¥€à¤° फाइलà¥à¤¸ के बाद फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ विवेक रंजन अगà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¥€ और अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€-निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ पलà¥à¤²à¤µà¥€ जोशी ने अपनी टà¥à¤°à¤¿à¤²à¥‰à¤œà¥€ की अंतिम कड़ी द बंगाल फाइलà¥à¤¸ रिलीज़ कर दी है। इस फिलà¥à¤® का वरà¥à¤²à¥à¤¡ पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° 20 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को वॉशिंगटन डीसी में “नेवर अगेन टूर” के तहत हà¥à¤†à¥¤
पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° के बाद दोनों ने à¤à¤• इमोशनल इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में उस à¤à¥‚ली हà¥à¤ˆ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ तà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¦à¥€ और आज के राजनीतिक हालात पर खà¥à¤²à¤•र बात की।
"यह अधिकारों की तà¥à¤°à¤¯à¥€ है—सच, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और अब जीवन"
विवेक रंजन अगà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¥€ ने बताया, “द ताशकंद फाइलà¥à¤¸ सतà¥à¤¯ के अधिकार पर थी, द कशà¥à¤®à¥€à¤° फाइलà¥à¤¸ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के अधिकार पर, और द बंगाल फाइलà¥à¤¸ जीवन के अधिकार की बात करती है। जब à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाक बंटवारे की बात होती है, लोग पंजाब की बात करते हैं, लेकिन असली रणà¤à¥‚मि तो बंगाल था। फिलà¥à¤® 1946 के डायरेकà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ डे और नोआखाली नरसंहार से लेकर आज के बंगाल तक जाती है। सवाल ये है कि कà¥à¤¯à¤¾ हिंसा रà¥à¤•ी? अगर नहीं रà¥à¤•ी, तो हम आजाद कैसे हैं?”
"ये हमारी ज़िंदगी का सबसे निजी सफर था"
पलà¥à¤²à¤µà¥€ जोशी ने कहा, “हमने 2015 में इस यातà¥à¤°à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की थी। 10 साल बाद ये टà¥à¤°à¤¿à¤²à¥‰à¤œà¥€ पूरी हà¥à¤ˆà¥¤ लेकिन द बंगाल फाइलà¥à¤¸ बनाते समय à¤à¤• अलग ही बेचैनी थी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ को सामने ला रहे थे जिसे देश ने à¤à¥à¤²à¤¾ दिया। ये फिलà¥à¤® बनाते हà¥à¤ हमारे बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ हमारे साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡à¥¤ ये सफर अब खतà¥à¤® नहीं हà¥à¤†, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ à¤à¥€ इसी रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलेंगी—अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ इतिहास को उजागर करने वाली।”
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