2024 में अमेरिका, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ और कनाडा जैसे देशों में पढ़ाई करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की तादाद में 40% की à¤à¤¾à¤°à¥€ गिरावट आई है। ये काफी बड़ा बदलाव है। इन देशों में पढ़ाई करने वालों की दिलचसà¥à¤ªà¥€ कम होने की वजह कड़े इमीगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नियम, बढ़ती फीस और वीजा की अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ है।
उधर, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ और नà¥à¤¯à¥‚जीलैंड जैसे देशों में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ बढ़ोतरी हà¥à¤ˆ है। इन देशों में कम फीस, पढ़ाई के बाद काम करने के अचà¥à¤›à¥‡ मौके और वीजा-इमीगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का आसान सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को खूब लà¥à¤à¤¾ रहा है। ये देश अब विदेश में पढ़ाई करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठबेहतरीन विकलà¥à¤ª बनते जा रहे हैं।
ICEF मॉनिटर की रिपोरà¥à¤Ÿ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सरकार के आंकड़ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 2024 में विदेशों में पढ़ने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में पिछले साल के मà¥à¤•ाबले कà¥à¤² 15% की कमी आई है। 'बिग फोर' देशों में सबसे अधिक गिरावट कनाडा में देखी गई, जहां à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ 2023 के 233,500 से घटकर 2024 में महज 137,600 रह गई। यह 41% की कमी है। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ और अमेरिका में à¤à¥€ 28% और 13% की à¤à¤¾à¤°à¥€ गिरावट आई। ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ 12% की कमी देखी गई। कà¥à¤² मिलाकर, इन देशों में 2024 में विदेशों में पढ़ने वाले 72% à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° थे, हालांकि इनका हिसà¥à¤¸à¤¾ अब साफ तौर पर कम हो रहा है।
छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में कमी की कई वजहें हैं। इनमें बढ़ती टà¥à¤¯à¥‚शन फीस और सखà¥à¤¤ वीजा नियम सबसे अहम हैं। ICEF मॉनिटर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° सिरà¥à¤« अचà¥à¤›à¥€ पढ़ाई ही नहीं, बलà¥à¤•ि पढ़ाई के बाद काम करने के मौके और वहां बसने के रासà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ ढूंढते हैं। लेकिन अब पारंपरिक देशों में ये रासà¥à¤¤à¥‡ कम होते जा रहे हैं। इसके अलावा डॉलर के मà¥à¤•ाबले रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के कमजोर होने से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ पर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• बोठऔर बढ़ गया है, जिससे इन देशों में पढ़ाई और à¤à¥€ महंगी हो गई है।
'बिग फोर' देशों का रà¥à¤¤à¤¬à¤¾ कम हो रहा है। वहीं, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ और नà¥à¤¯à¥‚जीलैंड में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की दिलचसà¥à¤ªà¥€ तेजी से बढ़ रही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सरकार के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ 2022 से 2024 के बीच 20,700 से बढ़कर 34,700 हो गई। यह 68% की बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह जरà¥à¤®à¤¨à¥€ में बेहतरीन शिकà¥à¤·à¤¾, कम फीस और पढ़ाई के बाद काम करने के ढेर सारे मौके हैं।
नà¥à¤¯à¥‚जीलैंड में à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में जबरदसà¥à¤¤ उछाल आया है। 2022 से 2024 के बीच 1,600 से बढ़कर 7,300 छातà¥à¤° हो गà¤à¥¤ यह 354% की बढ़ोतरी है। ICEF मॉनिटर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, लचीले वीजा नियमों और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माहौल की वजह से नà¥à¤¯à¥‚जीलैंड अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ बोलने वाले देशों में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठसबसे अधिक आकरà¥à¤·à¤• बन गया है। यहां की शिकà¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बेहद अचà¥à¤›à¥€ है और गà¥à¤°à¥‡à¤œà¥à¤à¤Ÿà¥à¤¸ के लिठवरà¥à¤• वीजा मिलने की वजह से ये देश सिरà¥à¤« अचà¥à¤›à¥€ पढ़ाई ही नहीं, बलà¥à¤•ि पढ़ाई के बाद काम की तलाश में à¤à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की पहली पसंद बन गया है।
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