à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राजधानी दिलà¥à¤²à¥€ में सोमवार से सà¥à¤•ूलों में ऑनलाइन कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ हो गई हैं। जब तक कि जहरीले सà¥à¤®à¥‰à¤— की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤§à¤°à¤¤à¥€ नहीं है, तब तक बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤•ूल नहीं जा पाà¤à¤‚गे। ये सà¥à¤®à¥‰à¤— वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ आरà¥à¤—नाइजेशन के तय मानक से 60 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक खराब हैं। सरकार की तरफ से कई छोटे-मोटे पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठगà¤, लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फरà¥à¤• नहीं पड़ा है। हर साल इस जहरीली धà¥à¤‚ध की वजह से कई लोगों की मौत हो जाती है। खासकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¥›à¥à¤°à¥à¤—ों की सेहत पर इसका बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है।
सोमवार सà¥à¤¬à¤¹ IQAir के पॉलà¥à¤¯à¥‚शन मॉनिटर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, PM2.5 pollutants का सà¥à¤¤à¤° 907 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¥‚बिक मीटर तक पहà¥à¤‚च गया। ये खतरनाक कैंसर पैदा करने वाले सूकà¥à¤·à¥à¤® कण हैं जो फेफड़ों के माधà¥à¤¯à¤® से खून में मिल जाते हैं। WHO के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•़, 24 घंटे में 15 से ऊपर का रीडिंग ही असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र माना जाता है। कà¥à¤› मॉनिटरिंग सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¥à¤¸ ने तो इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हाई लेवल दरà¥à¤œ किठहैं। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ ने PM2.5 pollutants का सà¥à¤¤à¤° 980 तक बताया, जो WHO के लिमिट से 65 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक हैं।
तीस साल के रिकà¥à¤¶à¤¾ चालक सà¥à¤¬à¥‹à¤§ कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा, 'मेरी आंखें पिछले कà¥à¤› दिनों से जल रही हैं।' सà¥à¤¬à¥‹à¤§ कà¥à¤®à¤¾à¤° ने सड़क किनारे नाशà¥à¤¤à¥‡ के ठेले पर नाशà¥à¤¤à¤¾ करते हà¥à¤ कहा, 'पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण हो या ना हो, मà¥à¤à¥‡ तो सड़क पर ही रहना है, मैं और कहां जाऊंगा?' उसने आगे कहा, 'हमारे पास घर के अंदर रहने का कोई ऑपà¥à¤¶à¤¨ नहीं है... हमारी रोजी-रोटी, खाना, जिंदगी – सब कà¥à¤› तो खà¥à¤²à¥‡ आसमान के नीचे है।'
घना, धूसर और तीखा धà¥à¤‚ध पूरे शहर को ढंक रहा था। IQAir ने सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को खतरनाक बताया है।हर साल शहर जहरीली धà¥à¤‚ध से ढंक जाता है। इसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह है आसपास के इलाकों में किसानों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खेतों में पराली जलाना, फैकà¥à¤Ÿà¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और गाड़ियों का धà¥à¤†à¤‚। इस महीने The New York Times की à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में बताया गया है कि पांच सालों तक लिठगठसैंपल के आधार पर पता चला है कि शहर के कचरे के ढेर को जलाने वाले à¤à¤• पावर पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट से à¤à¥€ जहरीला धà¥à¤†à¤‚ निकल रहा है।
हालात को देखते हà¥à¤ सोमवार को और à¤à¥€ कई पाबंदियां लगा दी गईं, जिसमें डीजल से चलने वाले टà¥à¤°à¤•ों और कंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤¶à¤¨ पर रोक लगाना शामिल है। शहर के अधिकारियों ने हवा की कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ को और अधिक खराब होने से रोकने के लिठये पाबंदियां लगाई हैं। अधिकारियों को उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को घर पर रखने से टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• कम हो जाà¤à¤—ा। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अतिशी ने रविवार रात à¤à¤• बयान में कहा, '10वीं और 12वीं कà¥à¤²à¤¾à¤¸ के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को छोड़कर बाकी सà¤à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठफिजिकल कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ बंद रहेंगी।' सरकार ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, बà¥à¥›à¥à¤°à¥à¤—ों और फेफड़ों या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों से 'जितना हो सके घर के अंदर ही रहने' की अपील की है।
शहर में बहà¥à¤¤ से लोग à¤à¤¯à¤° फिलà¥à¤Ÿà¤° नहीं खरीद सकते। न ही उनके पास à¤à¤¸à¥‡ घर हैं जहां वो जहरीला हवा से खà¥à¤¦ को बचा सकें। 45 साल के रिकà¥à¤¶à¤¾ चालक रिंकू कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा, अमीर मंतà¥à¤°à¥€ और अफसर घर के अंदर रह सकते हैं, हम जैसे आम आदमी तो नहीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा, महीने के बिल चà¥à¤•ाना ही मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, à¤à¤¯à¤° पà¥à¤¯à¥‚रीफायर कौन खरीद सकता है?
पिछले हफà¥à¤¤à¥‡ धà¥à¤‚ध की वजह से दरà¥à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ डिले हà¥à¤ˆ हैं। तीन करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों के घर वाला नई दिलà¥à¤²à¥€ और आसपास का मेटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¨ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे अधिक पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित शहरों में शà¥à¤®à¤¾à¤° है। ठंडे तापमान और धीमी हवा की वजह से हर सरà¥à¤¦à¥€ में यही होता हैं, जिससे हालात और à¤à¥€ खराब हो जाते हैं। ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अकà¥à¤Ÿà¥‚बर के मधà¥à¤¯ से कम से कम जनवरी तक रहती है।
पिछले महीने सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने साफ हवा को मौलिक अधिकार बताते हà¥à¤ केंदà¥à¤° और राजà¥à¤¯ सरकारों को à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ लेने का आदेश दिया था। आलोचक कहते हैं कि पड़ोसी राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की राजनीति, केंदà¥à¤° और राजà¥à¤¯ सरकारों के बीच विवाद की वजह से समसà¥à¤¯à¤¾ और à¤à¥€ बढ़ गई है। आरोप है कि राजनेता अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के ताकतवर किसानों को नाराज नहीं करना चाहते हैं।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login