हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ में BAPS चैरिटीज ने अपनी पहली हेलà¥à¤¥à¤•ेयर पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤²à¥à¤¸ कॉनà¥à¤«à¥à¤°à¥‡à¤‚स (HPC25) आयोजित की। इसमें 30 से अधिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ और संबदà¥à¤§ विषयों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ 1,150 से अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤— लिया। इस अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® ने नैदानिक ​​उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• अंतरà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ का à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ संगम पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जो 'समृदà¥à¤§, अनà¥à¤µà¥‡à¤·à¤£, सशकà¥à¤¤' थीम पर आधारित था।
नौ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ बà¥à¤°à¥‡à¤•आउट टà¥à¤°à¥ˆà¤•, 60 से अधिक वकà¥à¤¤à¤¾à¤“ं और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं तथा 14 CE/CME-मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ HPC25 ने समावेशी, अंतःविषय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठà¤à¤• नया मानक सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया और साथ ही देखà¤à¤¾à¤² के गहन अरà¥à¤¥ पर चिंतन को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया।
शिकागो की महिमा दवे, फारà¥à¤®à¤¡à¥€ ने कहा कि यह केवल à¤à¤• समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ नहीं था। यह करà¥à¤£à¤¾, उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ और विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ के साथ उपचार करने का अरà¥à¤¥ फिर से जागृत करना था।
उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ के साथ à¤à¤• समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨
à¤à¤¸à¥‡ समय में जब बरà¥à¤¨à¤†à¤‰à¤Ÿ, अलगाव और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤—त थकान वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पेशे को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दे रहे हैं HPC25 ने उस मूल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को फिर से जगाया जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उपचार के जीवन की ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करती है।
अटलांटा के à¤à¤• इंटरà¥à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉ. यागà¥à¤¨à¥‡à¤¶ दवे ने कहा कि अधिकांश अनà¥à¤¯ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ तकनीकी रूप से कà¥à¤¯à¤¾ करना है, इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। मगर इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® ने मà¥à¤à¥‡ अपने रोगियों का इलाज करने के लिठà¤à¤• बेहतर चिकितà¥à¤¸à¤• बनने के तरीके पर विचार करने में मदद की।
रॉबिनà¥à¤¸à¤µà¤¿à¤²à¥‡, à¤à¤¨à¤œà¥‡ से निकी पटेल, फारà¥à¤®à¤¡à¥€, à¤à¤®à¤¬à¥€à¤, सीडीसीईà¤à¤¸ ने कहा कि यह अनà¥à¤à¤µ सिरà¥à¤« à¤à¤• और समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ से कहीं अधिक था। यह आपके दिल की धड़कन को खोजने और समाज की सेवा करने के कौशल के साथ अपने जीवन को सशकà¥à¤¤ बनाने के बारे में था।
आतà¥à¤®à¤¾ के साथ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में चिकितà¥à¤¸à¤¾ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾, नैदानिक ​​बरà¥à¤¨à¤†à¤‰à¤Ÿ, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समानता और रोगी-केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ देखà¤à¤¾à¤² के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ जैसे अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• विषयों पर चरà¥à¤šà¤¾ की गई। लेकिन समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• लहजे ने à¤à¥€ कई लोगों को गहराई से छà¥à¤†à¥¤
हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ की फारà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और शोधकरà¥à¤¤à¤¾ सारा रोजरà¥à¤¸ ने कहा कि यह वासà¥à¤¤à¤µ में पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सà¤à¤¾ थी जहां नैदानिक ​​उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गहराई से मिली। यह याद दिलाना कि उपचार à¤à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और सेवा दोनों है, शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ था।
सैन जोस के डॉ. सचिन शाह, फारà¥à¤®à¤¡à¥€, à¤à¤«à¤à¤¸à¥€à¤¸à¥€, à¤à¤«à¤à¤à¤šà¤ ने कहा कि इस समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ ने मà¥à¤à¥‡ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ दिया, और यह à¤à¥€ कि इसका उपयोग कैसे किया जाà¤à¥¤ इसने मेरे साथ बात करने वाले पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सहà¤à¤¾à¤—ी में सेवा की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को फिर से जगा दिया।
मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤£ : करà¥à¤£à¤¾à¤®à¤¯ नेतृतà¥à¤µ
मेमोरियल हरमन टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ मेडिकल सेंटर के सीईओ जेसन गà¥à¤²à¥‹à¤µà¤° के मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤£ ने उनके 'चार à¤à¤²' दरà¥à¤¶à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से देखà¤à¤¾à¤² के मानवीय ततà¥à¤µ पर जोर दिया: पà¥à¤¯à¤¾à¤°, सीखना, छोटी चीजें मायने रखती हैं, और हम में से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• से बड़ा। उनका संदेश बढ़ती तकनीकी जटिलता के बीच करà¥à¤£à¤¾ बनाठरखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने वाले पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ गूंजता था।
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