शहीद सरदार तेजा सिंह समà¥à¤‚दà¥à¤°à¥€ की पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ पर आज सरहली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गà¥à¤°à¥ गोबिंद सिंह खालसा à¤à¤œà¥à¤•ेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚शंस में à¤à¤• à¤à¤¾à¤µà¤à¥€à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि सà¤à¤¾ का आयोजन किया गया। यह संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ वरà¥à¤· 1917 में सरदार समà¥à¤‚दà¥à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया था। इस मौके पर अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पूरà¥à¤µ राजदूत, यूà¤à¤¸-इंडिया सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¥‡à¤œà¤¿à¤• पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤°à¤¶à¤¿à¤ª फोरम के सलाहकार और "विकसित अमृतसर" पहल के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• सरदार तरनजीत सिंह संधू मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि के रूप में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहे।
समारोह की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤–मनी साहिब पाठऔर विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ कीरà¥à¤¤à¤¨ से हà¥à¤ˆà¥¤ इसके बाद शहीद समà¥à¤‚दà¥à¤°à¥€ के जीवन और योगदान पर वकà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने विचार रखे।
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