à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कंपनियों के वरà¥à¤• कलà¥à¤šà¤° को लेकर पहले à¤à¥€ सवाल उठते रहे हैं। अब बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कंपनी के लिठकाम करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ने सोशल मीडिया पर à¤à¤• पोसà¥à¤Ÿ की है, जिसके बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ कंपनियों में वरà¥à¤• कलà¥à¤šà¤° और छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नीतियों पर बहस छिड़ गई है।
इस करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ का नाम विवेक पांचाल है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी कंपनी में कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸ और नà¥à¤¯à¥‚ इयर पर 15 दिन की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ का मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस पर ऑनलाइन काफी रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ आ रहे हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर कंपनी का मैसेज शेयर किया है, जिसमें लिखा है- हैलो विवेक, सोमवार से कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸ और नà¥à¤¯à¥‚ इयर के लिठ6 जनवरी तक छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ हैं। विवेक ने इस पर लिखा कि यूके की कंपनी में काम करने के फायदे।
इस पोसà¥à¤Ÿ पर काफी लोगों ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दी हैं और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कंपनियों में काम करने के अपने अनà¥à¤à¤µ शेयर किठहैं। à¤à¤• यूजर ने कमेंट किया- 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ आइà¤, वे आपको दिवाली, होली, कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸, ईद पर à¤à¥€ काम करने के लिठकहेंगे... लिसà¥à¤Ÿ अà¤à¥€ बाकी है।
à¤à¤• अनà¥à¤¯ यूजर ने लिखा कि मैं कनाडा की à¤à¤• कंपनी में काम करता हूं और कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤‚जॉय कर रहा हूं!' à¤à¤• अमेरिकी कंपनी में काम करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ने टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ की कि अमेरिका में à¤à¥€ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मना रहे हैं, लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ काम कर रहे हैं।
à¤à¤• यूजरà¥à¤¸ ने अपना अनà¥à¤à¤µ बताते हà¥à¤ लिखा- à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कंपनी में काम करता हूं और हां, मà¥à¤à¥‡ 8 दिन की अचà¥à¤›à¥€ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिलीं। कà¥à¤› लोगों ने तो इसे मिलाकर 15 दिन की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ले लीं!
इस बहस ने कंपनियों में लीव पॉलिसी में असमानता को लेकर चरà¥à¤šà¤¾à¤“ं को à¤à¤• बार फिर से हवा दे दी है। कई लोगों का कहना है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कंपनियां अकà¥à¤¸à¤° सांसà¥à¤•ृतिक या धारà¥à¤®à¤¿à¤• परà¥à¤µà¥‹à¤‚ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ काम को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देती हैं जबकि गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² कंपनियां à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚डेड बà¥à¤°à¥‡à¤• ऑफर करती हैं।
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