नागरिक अधिकार समूह ‘सà¥à¤Ÿà¥‰à¤ª AAPI हेट’ ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के "कैच à¤à¤‚ड रिवोक" ऑपरेशन की कड़ी निंदा की है, जिसके तहत अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को हिरासत में लेने और उनके वीजा रदà¥à¤¦ करने की घटनाà¤à¤‚ बढ़ रही हैं। संगठन ने इसे "नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦à¥€ और ज़ेनोफोबिक विच हंट" करार दिया है, और आरोप लगाया है कि ये कदम अमेरिका में नसà¥à¤²à¥€à¤¯ और जातीय à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ को बढ़ावा दे रहे हैं।
रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हाल के हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में 300 से अधिक अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के वीजा निरसà¥à¤¤ कर दिठगठहैं, जिसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से चीन, à¤à¤¾à¤°à¤¤, और अनà¥à¤¯ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों के छातà¥à¤° शामिल हैं। इस ऑपरेशन का मकसद उन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना है जिनकी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अमेरिकी कानूनों के अनà¥à¤°à¥‚प नहीं है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ विसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ और अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रही है।
‘सà¥à¤Ÿà¥‰à¤ª AAPI हेट’ ने अपने बयान में यà¥à¤‚सेओ चà¥à¤‚ग, रंजनी शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ और बदर खान सूरी जैसे कई छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का नाम लिया, जो इस कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ हैं। इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को हिरासत में लिया गया या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ किया गया, और उनके पास अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ का बहà¥à¤¤ सीमित अवसर था। संगठन ने यह à¤à¥€ बताया कि इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ में कई à¤à¤¸à¥‡ लोग हैं, जो अमेरिका के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने के लिठयोगà¥à¤¯ थे और उनकी शिकà¥à¤·à¤¾ में कोई बाधा नहीं होनी चाहिठथी।
यह à¤à¥€ पढ़ें- अधिकार नहीं, उपहार हैं छातà¥à¤° वीजा; टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª सरकार के कड़े फैसलों के बचाव में उतरे रूबियो
इस नीति के खिलाफ विदेशी छातà¥à¤° समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ और शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि इस तरह की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ से अमेरिका की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और बहà¥à¤¸à¤¾à¤‚सà¥à¤•ृतिक छवि को नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤š सकता है। अमेरिका में अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और चीनी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का है, जो अमेरिका की उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं को महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ योगदान करते हैं। इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को हर साल $40-50 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान होता है।
इस संदरà¥à¤ में, ‘सà¥à¤Ÿà¥‰à¤ª AAPI हेट’ ने इस नीति की ततà¥à¤•ाल समापà¥à¤¤à¤¿ की मांग की है, साथ ही यह à¤à¥€ कहा कि इसे नसà¥à¤²à¥€à¤¯ à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के खिलाफ à¤à¤• बड़े हमले के रूप में देखा जाना चाहिà¤à¥¤ उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यह कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ अमेरिका में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने वाले छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अधिकारों का उलà¥à¤²à¤‚घन है और इसे रोका जाना चाहिà¤à¥¤
इससे पहले, अमेरिका में वीजा नीति में बदलाव और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठकड़े नियमों की आलोचना होती रही है। कई छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ ने आवà¥à¤°à¤œà¤¨ अधिकारी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ और à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के आरोप लगाठहैं, जो उनके लिठअसà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।
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