अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤• के बाद à¤à¤• हतà¥à¤¯à¤¾ और हमलों की घटनाओं पर जो बाइडेन पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दी है। वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस ने कहा है कि अमेरिका में हिंसक घटनाओं की कोई जगह नहीं है। ये घटनाà¤à¤‚ असà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ हैं।
वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस में नेशनल सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ काउंसिल के पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जॉन किरà¥à¤¬à¥€ ने à¤à¤• सवाल के जवाब में कहा कि हिंसक घटनाओं को किसी à¤à¥€ तरह सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं किया जा सकता। इसके लिठकोई बहाना नहीं चलेगा। नसà¥à¤², लिंग या किसी à¤à¥€ आधार पर की गई हिंसा अमेरिका में असà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ है। पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ से अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोगों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर सवाल पूछा गया था।
इस पर पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जॉन किरà¥à¤¬à¥€ ने कहा कि पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट बाइडेन और हमारा पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ इस दिशा में काम कर रहा है। हम पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं कि चीजें ठीक हो जाà¤à¤‚। हम इसके लिठराजà¥à¤¯ सरकारों और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हमारा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है कि इस तरह के हमलों को रोका जा सके। हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि इन हमलों के जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° लोगों से सखà¥à¤¤à¥€ से निपटा जाà¤à¤—ा।
वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस का ये बयान à¤à¤¸à¥‡ समय आया है जब पिछले à¤à¤• महीने में चार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत हो चà¥à¤•ी है और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के तीन लोग अपनी जान गंवा चà¥à¤•े हैं। à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° जानलेवा हमले का à¤à¥€ शिकार हà¥à¤† है।
सबसे हालिया घटना 15 फरवरी की है जब अलबामा में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के होटल मालिक पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ रावजीà¤à¤¾à¤ˆ पटेल (76) की गोली मारकर हतà¥à¤¯à¤¾ कर दी गई थी। à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤• और पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ पटेल के बीच à¤à¤• कमरे को लेकर विवाद हà¥à¤† था। पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ शेफीलà¥à¤¡ में हिलकà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ होटल के मालिक थे।
उससे पहले 4 फरवरी को शिकागो में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° सैयद मजाहिर अली पर जानलेवा हमला हà¥à¤† था। घटना का à¤à¤• वीडियो à¤à¥€ आया था जिसमें तीन हमलावर उसका पीछा करते दिखे थे। तीनों ने छातà¥à¤° को बà¥à¤°à¥€ तरह पीटा था, फिर उसका फोन छीन कर à¤à¤¾à¤— गठथे।
4 फरवरी को ही इंडियाना के à¤à¤• पारà¥à¤• में समीर कामथ नाम के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी छातà¥à¤° का शव मिला था। वह मासà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की पढ़ाई पूरी करके पीà¤à¤šà¤¡à¥€ कर रहा था। उसके पास à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अलावा अमेरिका की à¤à¥€ नागरिकता थी।
2 फरवरी को ओहायो में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¸ रेडà¥à¤¡à¥€ बेनिगर की मौत की घटना हà¥à¤ˆ थी। उसकी मौत की वजह पता नहीं चल सकी थी। नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कॉनà¥à¤¸à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ ने à¤à¥€ इस मामले की जानकारी दी थी।
2 फरवरी राजधानी वॉशिंगटन में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के विवेक तनेजा à¤à¤• रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट के बाहर बेहोशी की हालात में मिले थे। असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में इलाज के दौरान 7 फरवरी को उनकी मौत हो गई थी। विवेक 41 साल के थे। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, विवेक का रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट के बाहर à¤à¤• शखà¥à¤¸ से मारपीट हà¥à¤ˆ थी। उनके सिर पर गहरी चोट थी।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login