à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी नेता का कहना है कि अमेरिका को à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच चल रहे संघरà¥à¤· को उसी तरह से देखना चाहिà¤, जिस तरह से उसने अतीत में इजरायलियों का समरà¥à¤¥à¤¨ किया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि नई दिलà¥à¤²à¥€ आतंकवाद के खिलाफ लड़ रही है, न कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के लोगों के खिलाफ।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी नेता और सिख फॉर अमेरिका के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• जसदीप सिंह जसà¥à¤¸à¥€ ने कहा कि मà¥à¤à¥‡ लगता है अमेरिका को इस संघरà¥à¤· को उसी तरह से देखना चाहिà¤, जिस तरह से अमेरिका ने इजरायल का समरà¥à¤¥à¤¨ किया था, जब वे हमास के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे थे। मैं इस लड़ाई को पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ या पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ लोगों के खिलाफ नहीं देखता। मà¥à¤à¥‡ लगता है कि यह लड़ाई आतंकवादियों और आतंकवाद की विचारधारा के खिलाफ है, जो हमारे पड़ोसी देश में घà¥à¤¸ गई है।
सिंह ने à¤à¤• सवाल के जवाब में कहा कि यह पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के लोगों या देश के खिलाफ लड़ाई नहीं है। यह वहां मौजूद आतंकवादी विचारधारा के खिलाफ है। और हमास के साथ à¤à¥€ यही बात है। जब अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इजरायल का समरà¥à¤¥à¤¨ किया तो मà¥à¤à¥‡ लगता है कि अमेरिका को इस लड़ाई के खिलाफ à¤à¤¾à¤°à¤¤ का à¤à¥€ समरà¥à¤¥à¤¨ करना चाहिठऔर साथ ही इन दोनों देशों को शांति के लिठलाना चाहिठऔर मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में सिंह ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद जवाबी हमले करने के à¤à¤¾à¤°à¤¤ के फैसले का समरà¥à¤¥à¤¨ किया।
जसà¥à¤¸à¥€ ने कहा कि यà¥à¤¦à¥à¤§ किसी à¤à¥€ चीज के लिठठीक नहीं है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह अपरिहारà¥à¤¯ हो जाता है। पहलगाम से पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† था? हम संसद हमले पर वापस जा सकते हैं, हम पà¥à¤²à¤µà¤¾à¤®à¤¾ हमले पर वापस जा सकते हैं, हम 26 नवंबर के मà¥à¤‚बई हमले पर वापस जा सकते हैं। हम उन कई आतंकवादी गतिविधियों पर वापस जा सकते हैं जो हो रही थीं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सहनशीलता का पà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ पूरी तरह से à¤à¤° चà¥à¤•ा था। पहलगाम की घटना के साथ, यह छलक गया। यह आखिरी तिनका था जिसने कमर तोड़ दी। यह उसी का नतीजा है। फिर, जैसे ही यह हà¥à¤† पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की ओर से किसी à¤à¥€ तरह की संवेदना या उचित संदेश या संयà¥à¤•à¥à¤¤ जांच के लिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सहयोग का कोई जवाब नहीं आना, परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ की कमी और à¤à¤•-दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ मानवीय समà¥à¤®à¤¾à¤¨ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
जब पहलगाम में à¤à¤• कà¥à¤°à¥‚र आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गठतो à¤à¤• पड़ोसी देश ने यह कहने के लिठà¤à¥€ आगे नहीं आया कि हमें बहà¥à¤¤ खेद है कि आपके साथ à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤†à¥¤ यह बहà¥à¤¤ दà¥à¤–द था। इसीलिà¤, मैं इसे आतंकवाद के खिलाफ यà¥à¤¦à¥à¤§ मानता हूं। यह किसी देश या किसी धरà¥à¤® के खिलाफ यà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं है, बलà¥à¤•ि आतंकवाद के खिलाफ यà¥à¤¦à¥à¤§ है। इस बार पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ का समरà¥à¤¥à¤¨ कर रही है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह देख रही है कि यह आतंकवाद के खिलाफ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ है।
जसà¥à¤¸à¥€ ने कहा कि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤•जà¥à¤Ÿ है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर आप इतिहास पर नजर डालें तो हर बार परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सबूत मिलते हैं, संसद पर हमले से लेकर मà¥à¤‚बई में हमला और पà¥à¤²à¤µà¤¾à¤®à¤¾ पर हमला। हमारे पास इन घटनाओं में हमारे पड़ोसी देश की संलिपà¥à¤¤à¤¤à¤¾ के ठोस सबूत हैं।
इसलिठमà¥à¤à¥‡ लगता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ को अà¤à¥€ उचित माना जा रहा है और पूरा पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ संसार इससे दूर रह रहा है। वासà¥à¤¤à¤µ में वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ का समरà¥à¤¥à¤¨ कर रहे हैं। à¤à¤²à¥‡ ही वे खà¥à¤²à¤•र न कह रहे हों, लेकिन किनारे पर रहना à¤à¤¾à¤°à¤¤ का समरà¥à¤¥à¤¨ करने जैसा ही है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login