अमेरिका की नागरिकता और आवà¥à¤°à¤œà¤¨ सेवा (USCIS) ने नया नियम जारी कर साफ कर दिया है कि अमेरिकी नागरिकता के लिठअपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करने वाले को बस अपनी पहली बार सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ निवासी (LPR) बनने की à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ या फिर LPR बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ही दिखानी होगी। ये बदला हà¥à¤† नियम तà¥à¤°à¤‚त लागू हो गया है। ये हाल ही में चौथे सरà¥à¤•िट कोरà¥à¤Ÿ ऑफ अपीलà¥à¤¸ के à¤à¤• फैसले के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• है। यह 14 नवंबर, 2024 को या उसके बाद दायर किठगठसà¤à¥€ लंबित या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के अनà¥à¤°à¥‹à¤§à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इस नठनियम से बहà¥à¤¤ से लोगों के लिठनागरिकता पाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आसान हो जाà¤à¤—ी।
नेचà¥à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ वो पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिससे अमेरिका की नागरिकता किसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ निवासी (लॉफà¥à¤² परमानेंट रेसिडेंट - LPR) को दी जाती है। इसके लिठइमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤‚ड नेशनेलिटी à¤à¤•à¥à¤Ÿ (INA) में बताई गई शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ पूरी करनी होती हैं। आमतौर पर, आवेदकों को ये साबित करना होता है कि वो कम से कम पांच साल से सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ निवासी हैं और दूसरी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ पूरी करते हैं।
पहले, नियमों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नागरिकता के लिठअपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करने वालों को अपनी पहली à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ या बाद में किसी à¤à¥€ बार अमेरिका में वापसी का सबूत देना होता था। लेकिन, à¤à¤• अहम फैसले में चौथे सरà¥à¤•िट कोरà¥à¤Ÿ ऑफ अपीलà¥à¤¸ ने कहा कि ये वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ INA में नहीं लिखी हà¥à¤ˆ à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤¤ जोड़ देती है।
ये मामला à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ निवासी (LPR) से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ था जो हटाने की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ (रिमूवल पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤¡à¤¿à¤‚गà¥à¤¸) के लिठपैरोल पर अमेरिका आया था। बाद में ये कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ खतà¥à¤® कर दी गई। कोरà¥à¤Ÿ ने पाया कि उस शखà¥à¤¸ ने LPR के तौर पर अपनी पहली à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ के आधार पर नागरिकता के लिठजरूरी शरà¥à¤¤ पूरी कर ली थी। फैसले में कहा गया है, 'कोरà¥à¤Ÿ का मानना है कि USCIS ने नियमों की जो वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ की है, उससे नागरिकता के लिठà¤à¤• और शरà¥à¤¤ जोड़ दी गई है जो कानून में नहीं है।' कोरà¥à¤Ÿ ने जोर देकर कहा कि 'लॉफà¥à¤² à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¶à¤¨' का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन सिरà¥à¤« पहली à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ या LPR बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के वकà¥à¤¤ ही किया जाना चाहिà¤à¥¤
इसके जवाब में, USCIS ने अपनी पॉलिसी बदल दी है। अब 'लॉफà¥à¤² à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¶à¤¨' के मामले में नागरिकता के लिठअपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करने वाले की पहली à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ या LPR बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ही देखा जाà¤à¤—ा। à¤à¤œà¥‡à¤‚सी ने साफ कर दिया है कि बाद में अमेरिका आने पर नागरिकता के लिठ'लॉफà¥à¤² à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¶à¤¨' पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
नठनियम में कहा गया है, 'ये तय करने के लिठकि नागरिकता के लिठअपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करने वाला 'लॉफà¥à¤² à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¶à¤¨ फॉर परमानेंट रेसिडेंस' की शरà¥à¤¤ पूरी करता है या नहीं, USCIS सिरà¥à¤« उसकी पहली à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ या LPR बनने के वकà¥à¤¤ को देखेगा। चाहे वो बाद में कितनी à¤à¥€ बार अमेरिका आया हो, इससे कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ेगा।'
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