आज à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से आठलाखों की संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¸à¥‡ छातà¥à¤° हैं जो अमेरिकी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पढ़ाई कर रहे हैं और सपने को पूरा करने के लिठदिन- रात लगे हà¥à¤ हैं, वहीं वो पल खà¥à¤¶à¥€ का होता है, जब किसी छातà¥à¤° को पता चलता है कि उसकी नौकरी लग गई है। बता दें, अगर आपको à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि अमेरिकी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पढ़ाई करने वाले छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की नौकरी लगना आसान है, तो शायद आप किसी गलतफहमी में हो सकते हैं, दरअसल नौकरी के लिठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को काफी जदà¥à¤¦à¥‹à¤œà¤¹à¤¦ करनी पड़ती है, या यूं कहें लोहे के चने चबाने पड़ते हैं, तब जाकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• नौकरी नसीब होती है। बता दें, वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ अमेरिकी जॉब मारà¥à¤•ेट के बारे में जानने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और हाल ही में गà¥à¤°à¥‡à¤œà¥à¤à¤Ÿ हà¥à¤ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ से 'नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡' ने बात की है। आइठजानते हैं, इस बारे में कà¥à¤¯à¤¾ है छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का कहना।
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