वाशिंगटन के टैकोमा में नॉरà¥à¤¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ डिटेंशन सेंटर में रखे गठलगà¤à¤— 50 से 100 शरण चाहने वालों ने à¤à¥‚ख हड़ताल शà¥à¤°à¥‚ कर दी है। इनका कहना है कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ नहीं मिल रही है और इनके साथ पशà¥à¤“ं जैसा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° किया जा रहा है। à¤à¤¨à¤¡à¤¬à¥à¤²à¥à¤¯à¥‚डीसी में फिलहाल 300 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिरासत में हैं।
ये सà¤à¥€ लोग मूल रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पंजाब राजà¥à¤¯ के रहने वाले हैं। इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ न मिलने के विरोध में 2 जनवरी से à¤à¥‚ख हड़ताल शà¥à¤°à¥‚ की है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तब तक à¤à¥‚ख हड़ताल जारी रखने की कसम खाई है जब तक कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डिटेंशन सेंटर से रिहा नहीं कर दिया जाता। सà¤à¥€ शरण के लिठपातà¥à¤° हैं, लेकिन असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र और à¤à¥€à¤¡à¤¼à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, खराब à¤à¥‹à¤œà¤¨ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² तक पहà¥à¤‚च नहीं होने के बीच कम से कम 4 महीने या उससे अधिक समय तक हिरासत में रखा गया है।
लैटिनो à¤à¤¡à¤µà¥‹à¤•ेसी के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• मारू मोरा विलालà¥à¤ªà¤¾à¤‚डो का कहना है कि आईसीई अदालत की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ के बिना इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤šà¤²à¤•े पर रिहा किया जा सकता है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ किया नहीं जा रहा है। विलालपांडो ने आरोप लगाया कि à¤à¤¨à¤¡à¤¬à¥à¤²à¥à¤¯à¥‚डीसी में शरण चाहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोगों के साथ गारà¥à¤¡ बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ नहीं बोलते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ खराब है और काफी हद तक मांसाहारी है। लगà¤à¤— दो-तिहाई पंजाबी मांस नहीं खाते हैं।
à¤à¥‚ख हड़ताल करने वालों ने अनशन जारी रखने का संकलà¥à¤ª लिया है। इनका कहना है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हमारी आखिरी सांस तक à¤à¥‚ख हड़ताल जारी रहेगी। इनमें से à¤à¤• रणधीर सिंह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 62 साल के मोहिंदर गिल 6 जनवरी को à¤à¥‹à¤œà¤¨ की कमी से बेहोश हो गठथे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° पर अपनी यूनिट से बाहर ले जाया गया था।
ला रेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚सिया दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी à¤à¤• वीडियो में सिंह ने कहा कि मैं तब तक अनशन करूंगा, जब तक मेरा शरीर इसे संà¤à¤¾à¤² सकता है। मà¥à¤à¥‡ यहां से आजादी चाहिà¤, बस यही मैं चाहता हूं। मà¥à¤à¥‡ कनाडा, मेरे परिवार के पास वापस à¤à¥‡à¤œ दो या मà¥à¤à¥‡ यहां रिहा कर दो। मैं यहां मानसिक रूप से बीमार और शारीरिक रूप से कमजोर हो रहा हूं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि आईसीई ने à¤à¥‚ख हड़ताल करने वालों को धमकी दी है कि अगर वे अपना अनशन नहीं तोड़ते हैं तो उनकी हिरासत अवधि लंबी कर दी जाà¤à¤—ी। ला रेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚सिया दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी à¤à¤• बयान में सिंह ने कहा कि कई लोगों ने हार मान ली है।
बताया गया है कि 2023 में इस सेंटर में सात बार à¤à¥‚ख हड़ताल की गई थीं। पिछले नवंबर में, वाशिंगटन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट ऑफ हेलà¥à¤¥ के अधिकारियों ने 200 से अधिक शिकायतों की जांच करने के लिठयहां पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने की कोशिश की। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ रेडियो सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ केà¤à¤¨à¤•ेà¤à¤•à¥à¤¸ की रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दोनों बार जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ देने से इनकार कर दिया गया।
आईसीई हिरासत केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में कम से कम पिछले à¤à¤• दशक से à¤à¥‚ख हड़ताल अकà¥à¤¸à¤° होती रही है। पहला नोट 2014 में टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ के à¤à¤² पासो में à¤à¤• निरोध केंदà¥à¤° में था। आईसीई ने अनशन को बंद करने के लिठकठोर रà¥à¤– अखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤° किया है। जैसे कि नाक की नलियों के माधà¥à¤¯à¤® से जबरदसà¥à¤¤à¥€ खिलाना, रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के साथ संपरà¥à¤• से इनकार करना और सामानà¥à¤¯ आबादी से अलगाव।
विलालà¥à¤ªà¤¾à¤‚डो ने कहा कि à¤à¤¨à¤¡à¤¬à¥à¤²à¥à¤¯à¥‚डीसी में अà¤à¥€ तक किसी को à¤à¥€ जबरदसà¥à¤¤à¥€ खाना नहीं खिलाया गया है। अमेरिकी आवà¥à¤°à¤œà¤¨ परिषद ने कहा कि आईसीई किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को उसके संजà¥à¤žà¤¾à¤¨ पर रिहा कर सकता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि वह तय आवà¥à¤°à¤œà¤¨ अदालत की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ के लिठउपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होने के लिठकागजी कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° करता है। अकà¥à¤¸à¤°, आईसीई à¤à¤¸à¤¾ नहीं करने का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है। बॉनà¥à¤¡ राशि को इतना अधिक कर देता है कि शरण चाहने वाला इसका à¤à¥à¤—तान नहीं कर सकता है। पूरà¥à¤µ टà¥à¤°à¤‚प पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के दौरान हजारों शरण चाहने वालों को आईसीई केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में दो साल से अधिक समय तक रखा गया था।
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