अमेरिका सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बॉबी चावला के पास कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸ से पहले आई à¤à¤• खबर ने उनके जीवन को खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤° दिया। उनके घर पर कबà¥à¤œà¤¾ करने वाले लोग आखिरकार घर छोड़कर चले गà¤à¥¤ चावला परिवार ने 22 महीने पहले à¤à¤• बैंक नीलामी में यह घर खरीदा था। लेकिन बैरी और बारबरा पोलाक ने घर छोड़ने से इनकार कर दिया था। घर खाली करने की बात कहने पर आरोपी 'पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ वापस जाने' की बात कहते थे। तमाम पà¥à¤°à¤•रण में अदालती पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— पूरी तरह से बेनकाब हà¥à¤† है।
"Go Back To Pakistan": Couple Tells Indian-Origin Man After Taking Over His US Home
— BBC & Socialistic NEWS RSVK (@Raavivamsi49218) December 26, 2023
Bobby Chawla, whose family purchased the house 22 months ago in a bank auction, was unable to move in because accused squatters Barry and Barbara Pollack refused to leave.https://t.co/jytFBRYB3U pic.twitter.com/cujG7pHAGX
सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ मीडिया के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बॉबी चावला ने 22 महीने पहले à¤à¤• बैंक नीलामी में घर खरीदा था। लेकिन वे गृहपà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ के लिठअसमरà¥à¤¥ थे। इसकी वजह यह थी कि आरोपियों बैरी और बारबरा पोलाक ने घर छोड़ने से इनकार कर दिया था। दोनों ने à¤à¤• दशक से अधिक समय से अपने मकान में à¤à¥à¤—तान नहीं किया था।
पोलाक ने सितंबर 1990 में 255,000 डॉलर में यह घर खरीदा था। हालांकि, 2006 तक उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› आरà¥à¤¥à¤¿à¤• परेशानी हà¥à¤ˆ और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने लोन का à¤à¥à¤—तान करना बंद कर दिया। इसके अलावा, बैंक को घर पर कबà¥à¤œà¤¾ करने से रोकने के लिठआरोपियों की तरफ से तीन अलग-अलग अदालतों में घर में कंकाल मिलने जैसी दलीलें दी गईं। खà¥à¤¦ को दिवालिया घोषित करने की कवायद à¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ इन कवायदों के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प अदालत को 17 साल के लिठउनके निषà¥à¤•ासन आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद पोलाक लगà¤à¤— दो दशकों तक लोन का à¤à¥à¤—तान किठबिना नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• के घर में रहे।
2008 में आरोपी दंपति पर फोरकà¥à¤²à¥‹à¤œà¤° के लिठमà¥à¤•दमा दायर किठजाने के बाद आखिरकार घर बैंक नीलामी में समापà¥à¤¤ हो गया। यह मामला 11 साल तक चला। पोलाक को घर में रहने से रोकने के लिठà¤à¤• संघीय दिवालियापन जज ने पिछले हफà¥à¤¤à¥‡ पोलाक को आगे की फाइलिंग से रोक दिया। हालांकि, तब à¤à¥€ अवैध रूप से कबà¥à¤œà¤¾ किठआरोपियों ने तब तक वहां से हटने से इनकार कर दिया जब तक कि नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• पोसà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अदालत पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— का खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ नहीं किया गया।
इसके बाद खबर आई कि आरोपियों ने आखिरकार शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को घर खाली कर दिया। चावला का कहना है कि यह चमतà¥à¤•ार की तरह लगता है, मà¥à¤à¥‡ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं हो रहा है कि आरोपियों ने मेरा घर खाली कर दिया है। हालांकि चावला ने कहा, जज की इजाजत के बिना वे आधिकारिक रूप से घर नहीं ले सकते हैं। लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि इससे मà¥à¤à¥‡ राहत का अहसास हà¥à¤† है। चावला के वकील हीथ बरà¥à¤œà¤° ने कहा कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अदालत से जलà¥à¤¦ इंसाफ की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दिवालियापन अदालत में आखिरी याचिका दायर कर दी है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login