दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— रेसर फौजा सिंह का 14 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को पंजाब के जालंधर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ उनके पैतृक गांव बà¥à¤¯à¤¾à¤¸ पिंड में निधन हो गया। वे 'टरà¥à¤¬à¤¨à¥à¤¡ टॉरनेडो' के नाम से मशहूर थे। फौजा सिंह का जनà¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾-पूरà¥à¤µ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 1 अपà¥à¤°à¥ˆà¤², 1911 को हà¥à¤† था। जनà¥à¤® के समय वे काफी कमजोर थे, करीब पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ की उमà¥à¤° तक वे पैरों के बल खड़े नहीं हो पा रहे थे। आगे चलकर उनके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤§à¤¾à¤° हà¥à¤† की वे रेस में सबसे अवà¥à¤µà¤² आने लगे।
फौजा सिंह पेशे से किसान थे, लेकिन वरà¥à¤· 1992 में अपनी पतà¥à¤¨à¥€ की मृतà¥à¤¯à¥ के बाद पूरà¥à¤µà¥€ लंदन चले गà¤à¥¤ महज दो साल के अंतर पर ही 1994 में उनके बेटे बेटे कà¥à¤²à¤¦à¥€à¤ª की मृतà¥à¤¯à¥ हो गई। à¤à¤¸ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना मन बहलाने के लिठदौड़ना शà¥à¤°à¥‚ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 2000 में, 89 वरà¥à¤· की आयॠमें, गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚ किया और उसी वरà¥à¤· लंदन मैराथन में अपनी पहली पूरà¥à¤£ मैराथन 6 घंटे 54 मिनट में पूरी की। उनकी à¤à¤¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¤• दशक से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक जारी रहीं, जिसमें नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤•, टोरंटो, मà¥à¤‚बई और हांगकांग में मैराथन में à¤à¤¾à¤— लेना शामिल है। 2003 में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने टोरंटो वाटरफà¥à¤°à¤‚ट मैराथन में अपना सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया, जिसे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 5 घंटे 40 मिनट में पूरा किया।
सिंह को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर पहचान तब मिली जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 100 साल की उमà¥à¤° में 16 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर, 2011 को टोरंटो वाटरफà¥à¤°à¤‚ट मैराथन को 8 घंटे, 11 मिनट और 6 सेकंड में पूरा किया। हालाà¤à¤•ि इससे वे मैराथन पूरी करने वाले पहले शतायॠवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बन गà¤, लेकिन 1911 के à¤à¤¾à¤°à¤¤ के आधिकारिक जनà¥à¤® रिकॉरà¥à¤¡ के अà¤à¤¾à¤µ के कारण गिनीज वरà¥à¤²à¥à¤¡ रिकॉरà¥à¤¡à¥à¤¸ ने इस रिकॉरà¥à¤¡ को पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ नहीं किया।
फौजा सिंह के उमà¥à¤° के बात करें तो उनके पासपोरà¥à¤Ÿ समेत अनà¥à¤¯ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ में उनकी जनà¥à¤®à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ 1 अपà¥à¤°à¥ˆà¤², 1911 दरà¥à¤œ थी। ओंटारियो मासà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के फौजा सिंह आमंतà¥à¤°à¤£ मीट में à¤à¤• ही दिन में आठविशà¥à¤µ रिकॉरà¥à¤¡ बनाठथे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 100 मीटर से लेकर 5,000 मीटर तक की दूरी पूरी की, जो यà¥à¤µà¤¾ आयॠवरà¥à¤— के मौजूदा रिकॉरà¥à¤¡ से कई गà¥à¤¨à¤¾ अधिक थी। à¤à¤¸à¥‡ में महारानी à¤à¤²à¤¿à¤œà¤¾à¤¬à¥‡à¤¥ दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ ने à¤à¤• निजी पतà¥à¤° जारी कर उनके 100 वरà¥à¤· पूरा होने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बधाई दी थी।
फौजा सिंह की जीवनशैली
'टरà¥à¤¬à¤¨à¥à¤¡ टॉरनेडो' का जीवन काफी अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ रहा। वे शाकाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते थे। 101 साल की उमà¥à¤° में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हांगकांग में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद 2013 में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¥€ रेसिंग से संनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ ले लिया।
उनकी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ खà¥à¤¶à¤µà¤‚त सिंह की जीवनी 'टरà¥à¤¬à¤¨à¥à¤¡ टॉरà¥à¤¨à¥‡à¤¡à¥‹' में दरà¥à¤œ की गई थी, और ओमंग कà¥à¤®à¤¾à¤° बी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ 'फौजा' नामक à¤à¤• बायोपिक की घोषणा 2021 में की गई। सिंह डेविड बेकहम और मà¥à¤¹à¤®à¥à¤®à¤¦ अली के साथ à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में à¤à¥€ दिखाई दिà¤, और पेटा अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में शामिल होने वाले सबसे उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे।
सिंह को 2003 में à¤à¤²à¤¿à¤¸ आइलैंड मेडल ऑफ ऑनर से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया और 2011 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ ऑफ इंडिया का खिताब दिया गया। वह लंदन 2012 ओलंपिक के मशालवाहक थे।
फौजा सिंह के निधन पर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से कई दिगà¥à¤—ज नेताओ ने शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की है-
सिख कोलिशन ने लिखा, "फौजा जी के अदà¥à¤à¥à¤¤ साहस और दृढ़ता ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के सिखों और अनà¥à¤¯ लोगों को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया... चढ़दी कला 'उà¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ हौसलों' के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• फौजा सिंह à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सिंबल थे।"
Fauja Singh has passed away at 114 years of age.
— Sikh Coalition (@sikh_coalition) July 14, 2025
Fauja ji’s incredible spirit and perseverance inspired Sikhs and others around the world, and we considered ourselves fortunate to work with members of the sangat to help share his story in various ways of the year. pic.twitter.com/inSAJ3Q3QU
अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पूरà¥à¤µ राजदूत, तरनजीत सिंह संधू ने कहा, "आपने उमà¥à¤° के बंधन को तोड़ते हà¥à¤ कà¤à¥€ हार नहीं मानी। आपका अदमà¥à¤¯ साहस पीढ़ियों को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करती रहेगी।"
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