कà¥à¤¯à¤¾ आपने कà¤à¥€ सोचा है कि नरेंदà¥à¤° मोदी, बराक ओबामा और अनà¥à¤¯ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नेताओं की आवाज बनने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करना पड़ता है? नई दिलà¥à¤²à¥€ में जनà¥à¤®à¥€ और पली-बढ़ी डॉ. गà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª चावला ने अमेरिका जाने से पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसद में दà¥à¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¯à¤¾ (इंटरपà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°) के रूप में छह साल बिताà¤à¥¤ संसद में उनके पति और पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ उदà¥à¤¯à¤®à¥€ सूरी चावला सेवारत थे। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में à¤à¤• छोटे पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ की आशा करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अदालत पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में अवसरों की खोज की जिसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं और à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤ˆ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठइंटरपà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यानी संवाद या वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ की कला पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की गई।
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