इस वरà¥à¤· की à¤à¤—वती फैलोशिप à¤à¤¾à¤°à¤¤ की नेशनल लॉ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के अचà¥à¤¯à¥à¤¤ अनिल और केटी गेटाचेव को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की गई है। इकनोमिसà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड टà¥à¤°à¥‡à¤¡ थियरिसà¥à¤Ÿ जगदीश à¤à¤—वती के नाम पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के सहयोग से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ यह फैलोशिप à¤à¤²à¤à¤²à¤à¤® छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° कानून में विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ को बढ़ावा देती है।
अचà¥à¤¯à¥à¤¤ अनिल ने कहा कि जो लोग कानून के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से संबंध रखते हैं, वे जानते हैं कि à¤à¤—वती फैलोशिप कà¥à¤¯à¤¾ है। नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• बार à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤® की तैयारी कर रहे अनिल सरकारी सेवा या शिकà¥à¤·à¤¾ में करियर बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• कानून à¤à¥‚-राजनीतिक परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर आकार लेते हैं। यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ है लेकिन फायदेमंद à¤à¥€ है।
अनिल अरà¥à¤¨à¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड यंग और सेंटर फॉर टà¥à¤°à¥‡à¤¡ à¤à¤‚ड इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट लॉ इन इंडिया के साथ à¤à¥€ काम कर चà¥à¤•े हैं। फिलहाल वह कोलंबिया सेंटर ऑन ससà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‡à¤¬à¤² इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में इंटरà¥à¤¨à¤¶à¤¿à¤ª करते हà¥à¤ अपनी रिसरà¥à¤š पर काम कर रहे हैं।
केटी गेटाचेव का कहना है कि वह इस फैलोशिप की मदद से नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी। गोà¤à¤¥à¥‡ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ फà¥à¤°à¥ˆà¤‚कफरà¥à¤Ÿ से पढ़ाई करने वाली केटी बà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤œà¤¿à¤Ÿ के बाद वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर शोध à¤à¥€ कर चà¥à¤•ी हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यहां आने का मेरा à¤à¤• मकसद अमेरिकी कानून के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° के नजरिठसे अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ टà¥à¤°à¥‡à¤¼à¤¡ लॉ को देखना à¤à¥€ है।
केटी ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤¶à¤¿à¤ª के अलावा कोलंबिया जरà¥à¤¨à¤² ऑफ यूरोपियन लॉ में à¤à¥€ à¤à¤¾à¤—ीदारी की है। वह मानवाधिकारों के समरà¥à¤¥à¤¨ की à¤à¤—वती के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ हैं।
जगदीश à¤à¤—वती फैलोशिप की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 2010 में की गई थी। यह इंटरनेशनल टà¥à¤°à¥‡à¤¡ में à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के नेताओं को बढ़ावा देकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में नाम रोशन करने के लिठसहयोग पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
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