मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार की सबसे बड़ी सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ और रिसà¥à¤• मैनेजमेंट कंपनी AGS मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के चेयरमैन à¤à¤¡à¤® कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ का मानना है कि हाल के à¤à¥‚कंप से हà¥à¤ˆ तबाही के बाद मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार की मदद के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ आगे आ सकता है। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा, 'मैं à¤à¤¾à¤°à¤¤ को शायद सबसे अचà¥à¤›à¤¾ मददगार मानता हूं... कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के काफी करीब है। मेरा मानना है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के जरिठबà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे के फिर से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में सहयोग बढ़ सकता है। इसमें अमेरिका और कà¥à¤µà¥‰à¤¡ देश समरà¥à¤¥à¤¨ दे सकते हैं।'
मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार से मिल रही रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ चौंकाने वाली हैं। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ राहत टीमों ने अब तक करीब 4,000 लोगों की मौत की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की है। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ को डर है कि असली संखà¥à¤¯à¤¾ इससे कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि सबसे बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ सिरà¥à¤« तबाही नहीं, बलà¥à¤•ि सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इलाकों तक पहà¥à¤‚च नहीं हो पाना है। जैसे सागांग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤² और सड़कें टूट जाने के कारण अब à¤à¥€ राहत टीमें नहीं पहà¥à¤‚च पा रही हैं।
कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा, 'इस वकà¥à¤¤ सबसे जरूरी है बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे को ठीक करना। दो पà¥à¤² बà¥à¤°à¥€ तरह कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गठहैं। à¤à¤• तो पूरी तरह ढह गया है, दूसरा à¤à¥€ लगà¤à¤— बेकार हो चà¥à¤•ा है। ये पà¥à¤² मà¥à¤–à¥à¤¯ रसद मारà¥à¤—, खासकर मांडले को à¤à¥‚कंप के केंदà¥à¤° सागांग से जोड़ते हैं।'
इन पà¥à¤²à¥‹à¤‚ के टूटने से राहत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¥€ अड़चन आई है। जरूरी सामान की आपूरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ अटकी हà¥à¤ˆ है। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने जोर देकर कहा, 'अगर लॉजिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ (रसद वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾) ठीक नहीं हà¥à¤ˆ, तो चाहे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से कितनी à¤à¥€ मदद आ जाà¤, वह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इलाकों तक नहीं पहà¥à¤‚च पाà¤à¤—ी।'
अमेरिका समेत कई देशों ने मदद के लिठफंड का à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया है। वाशिंगटन ने 90 लाख डॉलर (करीब 75 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡) की राहत राशि देने की बात कही है। लेकिन कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ का कहना है कि अगर इस पैसे को सही जगह नहीं पहà¥à¤‚चाया गया, तो यह नौकरशाही के चकà¥à¤•र में गायब हो सकता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया, 'सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ और सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवी समूह चाहते हैं कि यह फंड सीधे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤à¥‹à¤‚ तक पहà¥à¤‚चे, न कि बड़े मानवीय संगठनों के पास जमा हो जाà¤, जहां यह पैसा सिरà¥à¤« 'खातों में जमा' रह जाता है।'
कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ सेकà¥à¤Ÿà¤° की उस à¤à¥‚मिका पर à¤à¥€ जोर दिया जिसके रोल को आपदा के तà¥à¤°à¤‚त बाद अकà¥à¤¸à¤° कम आंका जाता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, खासकर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ कंपनियों और बैंकों ने तà¥à¤°à¤‚त पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने संसाधनों से राहत शिविर, असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² बनाà¤à¥¤ यह सब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने खरà¥à¤šà¥‡ से किया है।'
लेकिन इन सामूहिक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के बावजूद, जमीनी सà¥à¤¤à¤° पर अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ ने नई मà¥à¤¶à¥à¤•िलें खड़ी कर दी हैं। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा, 'राहत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की सबसे बड़ी कमजोरी असंगठित होना है। सà¤à¥€ को अपने संसाधनों को à¤à¤• साथ लाना होगा, नहीं तो यह अराजकता बनी रहेगी।' उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दान को लेकर होने वाले à¤à¤—ड़ों की ओर à¤à¥€ इशारा किया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ और चीन जैसे देशों की à¤à¥‚मिका के सवाल पर कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा, 'दोनों ने बचाव दल à¤à¥‡à¤œà¥‡ थे। लेकिन चीन समेत कई अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ टीमें वापस जा चà¥à¤•ी हैं।' उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कड़वी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ बताते हà¥à¤ कहा, 'अब बचाव कारà¥à¤¯ लगà¤à¤— खतà¥à¤® हो गठहैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचाने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› बचा ही नहीं है।'
कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा कि मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार को अब खाने के पैकेटà¥à¤¸ नहीं, बलà¥à¤•ि जमीन पर काम करने वाले लोगों की जरूरत है—खासकर इंजीनियरों की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'खाना à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ की बजाय, à¤à¤¸à¥€ टीमें à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚ जो पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद कर सकें। मेरी राय में इंजीनियरों की जरूरत है, लेकिन अब तक किसी देश ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाठहैं।'
पà¥à¤² टूटने और सड़कें बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ होने के कारण, कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ का मानना है कि मदद का असर दिखाने के लिठसबसे पहले मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे को ठीक करना होगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'नावों या फेरियों से सामान पहà¥à¤‚चाने की कोशिश वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• नहीं है। खसà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¾à¤² पà¥à¤² पर छोटे वाहनों से सामान ले जाना à¤à¥€ जोखिम à¤à¤°à¤¾ है। अगर हम वाकई मदद करना चाहते हैं, तो यह तरीका काम नहीं करेगा।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तातà¥à¤•ालिक तà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¦à¥€ के पीछे à¤à¤• और गहरा संकट मंडरा रहा है—नकदी, कंकà¥à¤°à¥€à¤Ÿ और टà¥à¤°à¤•ों की कमी। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने बताया, 'देश में कंकà¥à¤°à¥€à¤Ÿ की किलà¥à¤²à¤¤ हो रही है। राहतकरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पास सामान खरीदने के लिठपैसे à¤à¥€ नहीं हैं।' उतà¥à¤¤à¤°à¥€ मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार में निजी बैंकों को नà¥à¤•सान ने इस समसà¥à¤¯à¤¾ को और बढ़ा दिया है।
कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने चेतावनी दी कि इतनी जटिल जरूरतों के बीच, मदद को सिरà¥à¤« औपचारिकता पूरी करने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'अगर हम सिरà¥à¤« सैनà¥à¤¯ सरकार को पैसा दे दें, या यूà¤à¤¨ जैसे बड़े संगठनों के हवाले कर दें, तो यह गरà¥à¤® आलू को आगे थमाने जैसा होगा। फिर यह उनकी समसà¥à¤¯à¤¾ बन जाà¤à¤—ी।'
उनके मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अमेरिका और कà¥à¤µà¥‰à¤¡ के साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° देशों, खासकर à¤à¤¾à¤°à¤¤, को à¤à¤¸à¥€ मदद पर फोकस करना चाहिठजो सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ नहीं दे सकते। जैसे देश के बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे को फिर से खड़ा करना। कैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‹ ने कहा, 'अमेरिका को राहत के नाम पर पैसा बांटने की बजाय पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ में योगदान देना चाहिà¤à¥¤ यूà¤à¤¨ या अमेरिकी à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों के पास बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचा बनाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं है। यह उनके काम का हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं है।'
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