à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के दानकरà¥à¤¤à¤¾ कृषà¥à¤£ वीरराघवन और सेजल शाह ने पà¥à¤°à¤¿à¤‚सटन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में à¤à¤• नठविशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¤¶à¤¿à¤ª का दान दिया है, संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ ने 2 जून को अपने वेंचर फॉरवरà¥à¤¡ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में इसकी घोषणा की। दरअसल, यू कृषà¥à¤£ वीरराघवन '99 और सेजल शाह विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¤¶à¤¿à¤ª सात नव सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¤¶à¤¿à¤ª में से à¤à¤• है, जो विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने संकाय को दिठजाने वाले सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• समà¥à¤®à¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है।
यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¤¶à¤¿à¤ª असाधारण विदà¥à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और शोध और शिकà¥à¤·à¤£ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान देने वाले संकाय सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठआरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ है। यह उपाधि किसी à¤à¤• अकादमिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से बंधी नहीं है, जिससे पà¥à¤°à¤¿à¤‚सटन को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विषयों में उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ मिलती है। 1962 में अपनी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के बाद से, केवल 73 संकाय सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने यह उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है।
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