जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ टेक के जॉरà¥à¤œ डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚. वà¥à¤¡à¥à¤°à¤« सà¥à¤•ूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° सौरठसाहा को अमेरिकी ऊरà¥à¤œà¤¾ विà¤à¤¾à¤— (U.S. Department of Energy - DOE) ने अपने अरà¥à¤²à¥€ करियर रिसरà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® (ECRP) के तहत $875,000 का इनाम दिया है। साहा का खास काम कम कीमत पर फà¥à¤¯à¥‚जन à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के लिठफà¥à¤¯à¥‚ल कैपà¥à¤¸à¥‚ल बनाने के लिठरिसरà¥à¤š करना है। यह बहà¥à¤¤ अहम काम है। इस पà¥à¤°à¤•िया से ससà¥à¤¤à¥€, साफ और विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ परमाणॠफà¥à¤¯à¥‚जन पावर बनाने में मदद मिलती है।
पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° सौरठसाहा का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ इनरà¥à¤¶à¤² फà¥à¤¯à¥‚जन à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले छोटे ईंधन कैपà¥à¤¸à¥‚ल बनाने के लिठजरूरी मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग साइंस को आगे बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ पर है। फà¥à¤¯à¥‚जन à¤à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो सूरà¥à¤¯ को ऊरà¥à¤œà¤¾ देती है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जो लगà¤à¤— असीमित और साफ ऊरà¥à¤œà¤¾ दे सकता है। लेकिन, धरती पर फà¥à¤¯à¥‚जन à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल काम है। इसकी वजह ये है कि फà¥à¤¯à¥‚जन ईंधन कैपà¥à¤¸à¥‚ल बनाने की लागत बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है और यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।
साहा का काम इन लागतों को हजारों डॉलर से कम करके à¤à¤• डॉलर से à¤à¥€ कम करना है और इसके लिठवह à¤à¤¸à¥‡ तरीके विकसित कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर और बिलकà¥à¤² सटीक हों। साहा ने कहा, 'DOE का इनाम हमारे समूह को फà¥à¤¯à¥‚जन à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खास तरह के रिसरà¥à¤š करने की इजाजत देता है। मैं बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हूं कि मैं अपने जमाने की सबसे चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ पर अहम पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ पर काम कर रहा हूं।'
साहा 2019 में जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ टेक में शामिल हà¥à¤ थे। इससे पहले वह लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी में रिसरà¥à¤š इंजीनियर थे। वो जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ टेक में सà¥à¤•ेलेलबल टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€à¤œ फॉर à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग (STEAM) गà¥à¤°à¥à¤ª का नेतृतà¥à¤µ करते हैं, जो माइकà¥à¤°à¥‹ और नेनो सà¥à¤•ेल पर जटिल 3D सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° बनाने के लिठनठतरीके विकसित करते हैं।
साहा इस साल ECRP गà¥à¤°à¤¾à¤‚ट पाने वाले 91 वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों में से à¤à¤• हैं। यह गà¥à¤°à¤¾à¤‚ट उन वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को सपोरà¥à¤Ÿ करता है जो अपने करियर के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में हैं। DOE ने इस साल इन अवॉरà¥à¤¡à¥à¤¸ के लिठकà¥à¤² $138 मिलियन का फंड दिया है। साहा ने 2014 में मासचà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ से अपनी पीà¤à¤šà¤¡à¥€ की। इससे पहले उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इंडियन इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ कानपà¥à¤° से B.Tech और M.Tech की डिगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हासिल की हैं।
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