हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में इंजीनियरिंग के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° कौशिक राजशेखर को जापान की इंजीनियरिंग à¤à¤•ेडमी का अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ फेलो चà¥à¤¨à¤¾ गया है। राजशेखर को बिजली रूपांतरण और टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपोरà¥à¤Ÿ के विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤•रण में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान के लिठयह फेलोशिप दी गई है।
राजशेखर की इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कारों के विकास में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका रही है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 1995 में जनरल मोटरà¥à¤¸ में EV1 पर à¤à¥€ काम किया है। इस उपलबà¥à¤§à¤¿ से राजशेखर को मिला ये समà¥à¤®à¤¾à¤¨ कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में 10 से à¤à¥€ कम लोगों को अà¤à¥€ यह फेलोशिप मिली है। अà¤à¥€ तक 800 फेलो और 15 अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ फेलो को ही ये समà¥à¤®à¤¾à¤¨ मिला है।
अकादमी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ फेलो के रूप में राजशेखर का चयन खासतौर ऊरà¥à¤œà¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उनके उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तकनीकी विकास का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ है, जो संपूरà¥à¤£ मानव जाति के हित में पृथà¥à¤µà¥€ पर ऊरà¥à¤œà¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ को अधिक दकà¥à¤· बनाने और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को बढ़ावा देती है।
राजशेखर यूà¤à¤š पावर पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® PEMSEC (पावर इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤•à¥à¤¸, माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¿à¤¡à¥à¤¸ à¤à¤‚ड सबसीठइलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल सिसà¥à¤Ÿà¤®à¥à¤¸ सेंटर) के निदेशक à¤à¥€ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मैं जापान की इंजीनियरिंग अकादमी का अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ फेलो चà¥à¤¨à¥‡ जाने पर बहà¥à¤¤ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ महसूस कर रहा हूं। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ गौरव है, जिसका मैं बेहद समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करता हूं। यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ मेरे करियर में कई समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ जापानी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ और उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों के साथ लंबे संबंधों को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है।
राजशेखर तीन दशकों से अधिक समय से विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जापानी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ के जापानी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚, इंजीनियरों और संकाय के साथ मिलकर काम करते रहे हैं। वह जनरल मोटरà¥à¤¸ के इमà¥à¤ªà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• वाहन के मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤²à¥à¤¶à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® इंजीनियर और रोलà¥à¤¸-रॉयस कॉरà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में चीफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥€ रहे हैं।
वह मीजी यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ समेत कई संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में आयोजित सेमिनार में हिसà¥à¤¸à¤¾ लेने के लिठकई बार जापान का दौरा कर चà¥à¤•े हैं। इसके अलावा उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तोशिबा, फ़ूजी, मीदेंशा, हिताची आदि कंपनियों का दौरा करके अनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ विकास साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ की है।
राजशेखर को 2022 में गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित वैशà¥à¤µà¤¿à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया था। इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार के लिठ43 देशों से रिकॉरà¥à¤¡ 119 नामांकन मिले थे। वह इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार को पाने वाले दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में केवल तीन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• थे।
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