टाटा इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ फंडामेंटल रिसरà¥à¤š के नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की शोधकरà¥à¤¤à¤¾ उरà¥à¤¬à¤¶à¥€ बासॠको पà¥à¤°à¤¿à¤‚सटन यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚शियल पोसà¥à¤Ÿà¤¡à¥‰à¤•à¥à¤Ÿà¤°à¤² रिसरà¥à¤š फैलो 2024 में से à¤à¤• चà¥à¤¨à¤¾ गया है। बासॠमॉलिकà¥à¤¯à¥‚लर बायोलॉजी विà¤à¤¾à¤— में शामिल होंगी। यहां उनका काम इस बात को समà¤à¤¨à¥‡ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होगा कि शरीर की आंतरिक घड़ी इमà¥à¤¯à¥‚न फंकà¥à¤¶à¤¨ को कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। दिन-रात के चकà¥à¤° में शरीर की संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को कैसे असर करता है।
à¤à¤• बहà¥-विषयक शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• माहौल में अपने काम को जारी रखने के अवसर के बारे में उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ बासॠने कहा, 'मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤¿à¤‚सटन पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚शियल पोसà¥à¤Ÿà¤¡à¥‰à¤• फैलो में से à¤à¤• के रूप में चà¥à¤¨à¥‡ जाने पर बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶à¥€ हो रही है।
बताया गया है कि पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚शियल पोसà¥à¤Ÿà¤¡à¥‰à¤•à¥à¤Ÿà¤°à¤² रिसरà¥à¤š फैलो पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® अà¤à¥€ अपने पांचवें वरà¥à¤· में है। यह शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ करियर वाले उन सà¥à¤•ॉलरà¥à¤¸ को सपोरà¥à¤Ÿ करता है जिनसे अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। फेलोशिप दो साल तक वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। इससे शोधकरà¥à¤¤à¤¾ अपनी विषयगत विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ को गहरा कर सकते हैं और नठविचारों के साथ जà¥à¤¡à¤¼ सकते हैं।
बासॠका रिसरà¥à¤š इमà¥à¤¯à¥‚नोलॉजी में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का समाधान करने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखता है। इसका वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर कम संसाधन वाले समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परिणामों को बेहतर बनाने के लिठसंà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ निहितारà¥à¤¥ है। बासॠने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कलकतà¥à¤¤à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में पीà¤à¤šà¤¡à¥€, जैव पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी में à¤à¤®à¤à¤¸à¤¸à¥€ और सूकà¥à¤·à¥à¤® जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में बीà¤à¤¸à¤¸à¥€ की डिगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login