à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के मलà¥à¤²à¤¿à¤• तातिपामà¥à¤²à¤¾ यूके की तीनों पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अकादमियों रॉयल सोसाइटी, रॉयल à¤à¤•ेडमी ऑफ इंजीनियरिंग और रॉयल सोसाइटी ऑफ à¤à¤¡à¤¿à¤¨à¤¬à¤°à¥à¤— के फेलो चà¥à¤¨à¥‡ जाने वाले पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हैं। उनके पास विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में लंबा अनà¥à¤à¤µ रहा है। वे à¤à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¶à¤¨ सिलिकॉन वैली के मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी अधिकारी और परà¥à¤¡à¥à¤¯à¥‚ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के सहयोगी (Collaborator) हैं। तातिपामà¥à¤²à¤¾ के चयन के पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ परà¥à¤¡à¥à¤¯à¥‚ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ (Purdue University) ने à¤à¤• बयान जारी कर की है।
परà¥à¤¡à¥à¤¯à¥‚ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने 30 जून को जारी à¤à¤• बयान में कहा कि वरà¥à¤· 2025 के लिठवैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर करीब 90 वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सोसाइटी का फेलो चà¥à¤¨à¤¾ गया है। बता दें कि रॉयल सोसाइटी की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 1660 में हà¥à¤ˆ थी। इसके पिछले फेलो साइंटिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ की बात करें तो आइजैक नà¥à¤¯à¥‚टन, चारà¥à¤²à¥à¤¸ डारà¥à¤µà¤¿à¤¨ और अलà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿ आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे लोग शामिल हैं। इस सोसाइटी के लिठतातिपामà¥à¤²à¤¾ का चयन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– साइंटिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में शामिल करता है।
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