à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की कवियितà¥à¤°à¥€, लेखिका और आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ मनीषा अंजलि को उनकी पहली कविता संगà¥à¤°à¤¹ 'नाग माउंटेन' के लिठविकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° के लिटरेरी अवॉरà¥à¤¡à¥à¤¸ में पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ फॉर पोà¤à¤Ÿà¥à¤°à¥€ कैटेगरी में शॉरà¥à¤Ÿà¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ किया गया है। ये किताब अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2024 में गिरमोंडो ने पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ की थी। इसमें इतिहास और मिथकों के माधà¥à¤¯à¤® से इंडो-फिजीयन लोगों के जीवन का अनà¥à¤à¤µ दिखाया गया है। ये किताब उन लोगों की सांसà¥à¤•ृतिक विरासत को दिखाती है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना घर छोड़कर दूसरे देश जाना पड़ा था।
ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ में रहने वालीं मनीषा अंजलि इंडो-फिजीयन मूल की हैं। वह अपनी कविताओं में अपने पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेती हैं। इन पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ को गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ में काम करने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ से फिजी के चीनी बागानों में लाया गया था। उनकी कविताà¤à¤‚ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• कहानियों, लोक परंपराओं और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ों को मिलाकर पहचान, विसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ और सामूहिक सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर बात करती हैं। 'नाग माउंटेन' à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की कहानी कहती है जिसे अपने पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ और आतà¥à¤®à¤¾à¤“ं से संदेश मिलते हैं। पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ फिलà¥à¤® रीलों के जरिठà¤à¥‚ले-बिसरे à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• शखà¥à¤¸ फिर से जीवित हो जाते हैं और अपनी आवाज पा लेते हैं।
किताब के केंदà¥à¤° में है à¤à¤• हजार मà¥à¤‚ह वाला सांप 'नाग'। यह पेड़ों, कोहरे और सपनों से à¤à¤°à¤¾ à¤à¤• तैरता हà¥à¤† पहाड़ बनाता है। कविता के अलावा अंजलि à¤à¤• रिसरà¥à¤šà¤°, à¤à¤œà¥à¤•ेटर और आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥€ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नेपà¥à¤šà¥à¤¯à¥‚न नाम का à¤à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® बनाया है जहां सपने, दरà¥à¤¶à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ को दरà¥à¤œ किया जाता है। वो वà¥à¤¹à¥‡à¤²à¥à¤• का à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं, ये मà¥à¤¯à¥‚जिक कोलैबोरेशन है। इसमें साउंड और सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€à¤Ÿà¥‡à¤²à¤¿à¤‚ग को à¤à¤• साथ खोजा जाता है।
अंजलि को अपने काम को आगे बढ़ाने के लिठकई गà¥à¤°à¤¾à¤‚टà¥à¤¸ और फेलोशिप मिल चà¥à¤•े हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नीलमा सिडनी टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² गà¥à¤°à¤¾à¤‚ट मिला जिससे वो रिसरà¥à¤š के लिठफिजी जा सकीं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मूरमोंग में BLINDSIDE’s Regional Arts & Research Residency, इनà¥à¤¸à¥‡à¤‚डियम रेडिकल लाइबà¥à¤°à¥‡à¤°à¥€ और द वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤° सेंटर में रेसिडेंसी à¤à¥€ मिली हैं। उनकी रचनाà¤à¤‚ 'बेसà¥à¤Ÿ ऑफ ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ पोà¤à¤®à¥à¤¸ 2021', 'मीनजिन', 'लिमिनल मैगजीन', 'पोरà¥à¤Ÿà¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ रिवà¥à¤¯à¥‚' और 'कॉरà¥à¤¡à¤¾à¤‡à¤Ÿ पोà¤à¤Ÿà¥à¤°à¥€ रिवà¥à¤¯à¥‚' जैसे समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में छप चà¥à¤•ी हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 'रनवे जरà¥à¤¨à¤² इशà¥à¤¯à¥‚ 41: लव' को गेसà¥à¤Ÿ-à¤à¤¡à¤¿à¤Ÿ किया है। 'द लिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ बà¥à¤°à¤¾à¤‰' में पोà¤à¤Ÿà¥à¤°à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤° à¤à¥€ रहीं हैं।
अंजलि à¤à¤• बेहद जजà¥à¤¬à¤¾à¤¤à¥€ à¤à¤œà¥à¤•ेटर à¤à¥€ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मेलबरà¥à¤¨ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€, आरà¤à¤®à¤†à¤ˆà¤Ÿà¥€, मेलबरà¥à¤¨ पॉलिटेकà¥à¤¨à¤¿à¤• और दूसरे आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशनà¥à¤¸ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤µ राइटिंग, लिटरेचर और परफॉरà¥à¤®à¥‡à¤‚स वरà¥à¤•शॉपà¥à¤¸ चलाठहैं। वो पà¥à¤°à¤¹à¤°à¤¨ कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सेंटर में लिटरेसी और नà¥à¤¯à¥‚मेरेसी à¤à¥€ पढ़ाती हैं। इससे उनकी à¤à¤œà¥à¤•ेशन और कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ वरà¥à¤• के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समरà¥à¤ªà¤£ साफ à¤à¤²à¤•ता है।
विकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° के लिटरेरी अवॉरà¥à¤¡à¥à¤¸ कई कैटेगरीज में बेहतरीन लेखन के लिठदिठजाते हैं। इनमें फिकà¥à¤¶à¤¨, नॉन-फिकà¥à¤¶à¤¨, डà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾, पोà¤à¤Ÿà¥à¤°à¥€ और इंडिजिनस राइटिंग शामिल हैं। हर कैटेगरी के विजेता को 25,000 ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डॉलर मिलते हैं। ओवरऑल विकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ फॉर लिटरेचर विजेता को अतिरिकà¥à¤¤ 100,000 ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डॉलर मिलते हैं। विजेताओं का à¤à¤²à¤¾à¤¨ 19 मारà¥à¤š को मेलबरà¥à¤¨ में à¤à¤• खास समारोह में किया जाà¤à¤—ा। इसे द वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤° सेंटर के जरिठलाइव-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤® à¤à¥€ किया जाà¤à¤—ा।
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