हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ के जीवंत कà¥à¤¯à¥‚लिनरी सीन के केंदà¥à¤° में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ ‘मà¥à¤¸à¤¾à¤«à¤¼à¤¿à¤°’ रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट आज à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विरासत और नवाचार का अनूठा संगम बन चà¥à¤•ा है। इस मिशेलिन सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ फाइन डाइनिंग डेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ कर रही हैं मिथॠमलिक, à¤à¤• दूरदरà¥à¤¶à¥€ महिला उदà¥à¤¯à¤®à¥€, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसे केवल à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं, बलà¥à¤•ि संसà¥à¤•ृति, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और विविधता की यातà¥à¤°à¤¾ बना दिया है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login