पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी के हाल ही में खतà¥à¤® हà¥à¤ अमेरिका दौरे से साफ जाहिर हà¥à¤† कि मोदी सरकार और टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ दोनों ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका के बीच दोसà¥à¤¤à¥€ को और मजबूत करने को लेकर कितने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ हैं। US इंडिया सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤œà¤¿à¤• à¤à¤‚ड पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤°à¤¶à¤¿à¤ª फोरम (USISPF) के सीईओ मà¥à¤•ेश अघी ने शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को कहा कि कà¥à¤² मिलाकर ये दौरा बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ और काम का रहा। इससे साफ दिखा कि दोनों देश आपसी रिशà¥à¤¤à¥‡ को मजबूत करने के लिठकटिबदà¥à¤§ हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के निमंतà¥à¤°à¤£ पर पीà¤à¤® मोदी 12 और 13 फरवरी को दो दिन के लिठअमेरिका के दौरे पर आठथे। वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस में दोनों नेताओं की काफी अचà¥à¤›à¥€ मीटिंग हà¥à¤ˆ जिसने अगले चार सालों के लिठदोनों देशों के रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दिशा तय कर दी।
अघी ने इस दौरे के बारे में अपनी राय देते हà¥à¤ बताया, 'वह (मोदी) राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से मिलने वाले चौथे लीडर थे। मीटिंग बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ रही। अहम बात ये है कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ लगà¤à¤— हर कैबिनेट मिनिसà¥à¤Ÿà¤° से मिल पाठजो उस समय अपनी पोसà¥à¤Ÿ पर थे। लेकिन इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अहम बात ये है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय जरूरी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर बातचीत की।'
मà¥à¤•ेश अघी ने आगे बताया, 'उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥‚-राजनीति पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया, खासकर चीन पर। रूस और यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ बात हà¥à¤ˆà¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने IMEC (इंडिया-मिडिल ईसà¥à¤Ÿ-यूरोप इकोनॉमिक) कॉरिडोर के लिठअपनी सहमति जताई। साथ ही ये à¤à¥€ बताया गया कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ के à¤à¤¾à¤°à¤¤ दौरे तक किसी तरह का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हो जाà¤à¤—ा।'
अघी ने कहा, 'लेकिन इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अहम बात ये है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि साल 2030 तक दोनों देशों के बीच का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° 500 अरब डॉलर तक पहà¥à¤‚च जाà¤à¤—ा। दोनों देशों के बीच टैरिफ कम करने पर à¤à¥€ बातचीत हà¥à¤ˆà¥¤ दोनों तरफ से इस पर काम हो रहा है और उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि आगे चलकर à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के तौर पर आपसी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ हो पाà¤à¤—ी।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'मोदी और टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के बीच बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ और गरà¥à¤®à¤œà¥‹à¤¶à¥€ à¤à¤°à¥‡ रिशà¥à¤¤à¥‡ हैं। दोनों में इतनी परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ है कि वो मà¥à¤¶à¥à¤•िल विषयों पर à¤à¥€ कामयाबी के साथ बात कर सकते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने टैरिफ के बारे में बात की, जिस पर टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª बार-बार जोर दे रहे थे। à¤à¤¾à¤°à¤¤ को 'टैरिफ किंग' à¤à¥€ कहा जा रहा है। लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने परिपकà¥à¤µ तरीके से इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ को निपटाया। मà¥à¤à¥‡ लगता है कि दोनों देशों के लिठफायदेमंद समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हà¥à¤† है।'
à¤à¤• सवाल के जवाब में अघी ने कहा कि 'असली मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ सिरà¥à¤« टैरिफ नहीं है। असली मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ मारà¥à¤•ेट à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ और बराबर का मैदान है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे बताया कि बराबर के मैदान में, टैरिफ के साथ-साथ और à¤à¥€ कई चीजें हैं। जैसे, कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤•ेशन, à¤à¤• राजà¥à¤¯ से दूसरे राजà¥à¤¯ में सामान ले जाने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¥¤ कसà¥à¤Ÿà¤® के मामले में à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। मिसाल के तौर पर आप गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ चेन का हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ नियमों की वजह से सामान जलà¥à¤¦à¥€ नहीं पहà¥à¤‚च पाता।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अमेरिकी कंपनियों की उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा, 'ये सिरà¥à¤« टैरिफ के बारे में नहीं है। और à¤à¥€ कई बातें हैं, जिनकी वजह से अमेरिकी कंपनियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से काम करने में थोड़ी कठिनाई होती है।उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को अगर 7-8% या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ करनी है, तो उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ करना होगा। इसके लिठजरूरी है कि उसके पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और दाम दोनों में कॉमà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ हों।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ को ये देखना होगा कि वो कैसे अपने मारà¥à¤•ेट को खोले। अगर दोनों देशों के बीच 500 बिलियन डॉलर का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखा जाà¤, तो इससे दोनों देशों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोजगार के मौके बनेंगे। इसलिठवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° बहà¥à¤¤ जरूरी है।'
अघी ने कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ के नजरिठसे दो चीजें बहà¥à¤¤ अहम हैं। पहली है à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आने वाला FDI और दूसरी है टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€à¥¤ अगर à¤à¤¾à¤°à¤¤ को अमेरिका से ये दो चीजें मिल जाती हैं, तो अगले 20 सालों में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तरकà¥à¤•ी में बहà¥à¤¤ मदद मिलेगी। लेकिन साथ ही, अमेरिका के लिठà¤à¥€ ये जरूरी है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥‚-राजनीतिक मंच पर à¤à¤• अहम साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° बने।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ के रूस, मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ के देशों, जापान और हां चीन के साथ à¤à¥€ रिशà¥à¤¤à¥‡ हैं। हर लिहाज से à¤à¤¾à¤°à¤¤ अमेरिका के लिठà¤à¤• अहम साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° बन जाता है तो इससे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤°, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माहौल बन सकता है।' अघी ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ रूस, मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ और यूरोप के देशों के साथ बातचीत में à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤° शकà¥à¤¤à¤¿ बन सकता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'मà¥à¤à¥‡ लगता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ खासकर QUAD के जरिठअमेरिका के साथ साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ कर सकता है। मà¥à¤à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¤¤ और बाकी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बीच मजबूत और सà¥à¤¥à¤¿à¤° रिशà¥à¤¤à¥‡ देखकर बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶à¥€ हो रही है।'
DOGE के खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ पर à¤à¤• सवाल के जवाब में अघी ने कहा कि USAID दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में वोटर टरà¥à¤¨à¤†à¤‰à¤Ÿ के लिठ2 करोड़ 10 लाख डॉलर à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ बिलकà¥à¤² बेमानी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में वोटर टरà¥à¤¨à¤†à¤‰à¤Ÿ लगà¤à¤— 70% है, इसलिठइसे बढ़ाने के लिठऔर पैसे की जरूरत नहीं है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'हम देख रहे हैं कि ये पैसा असल में बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ गया। à¤à¤²à¥‡ ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ का नाम था, लेकिन इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं हà¥à¤†à¥¤'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'ये गलत है। à¤à¤• लोकतंतà¥à¤° में, आप किसी दूसरे देश को पैसा नहीं à¤à¥‡à¤œ सकते और न ही ये कह सकते हैं कि वोटिंग इस तरह होगी। इससे गलत संदेश जाता है। इसलिà¤, मैं कहूंगा कि यह दखलअंदाजी है। à¤à¤¸à¤¾ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 2024 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के दौरान अमेरिका की तरफ से किसी à¤à¥€ तरह के दखल की आशंका नहीं है।'
अघी ने कहा, 'मà¥à¤à¥‡ लगता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मतदाता परिपकà¥à¤µ, सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° और फैसला लेने के काबिल हैं। लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में हमने देखा कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी को संदेश दिया। फिर हरियाणा, महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° और अब दिलà¥à¤²à¥€ के विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विपकà¥à¤· को संदेश दिया। इसलिठइतनी परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ है कि मà¥à¤à¥‡ नहीं लगता कि बाहरी ताकतें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं।'
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login