à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² को पेरिस सà¥à¤•ूल ऑफ इकोनॉमिकà¥à¤¸ और साइंसेज पो के सेंटर फॉर रिसरà¥à¤š ऑन सोशल इनइकà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€à¤œà¤¼ (CRIS) की तरफ से पहला गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² इनइकà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ रिसरà¥à¤š अवारà¥à¤¡ (GiRA) पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया गया है।
बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² डेवलपमेंट इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट (GDI) में डेवलपमेंट इकोनॉमिकà¥à¤¸ à¤à¤‚ड à¤à¤¨à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ट की पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साल 2024 का यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जेमà¥à¤¸ के. बॉयस के साथ संयà¥à¤•à¥à¤¤ रूप से दिया गया है।
यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार सामाजिक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ असमानताओं पर उनके अगà¥à¤°à¤£à¥€ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया दिया गया है। हर दो साल में दिया जाने वाला GiRA अवॉरà¥à¤¡ à¤à¤¸à¥‡ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ करता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वैशà¥à¤µà¤¿à¤• असमानताओं की समठबढ़ाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान दिया हो। ये à¤à¥€ देखें - à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° मेनका हमà¥à¤ªà¥‹à¤² को अरà¥à¤²à¥€ करियर रिसरà¥à¤š अवॉरà¥à¤¡
पेरिस सà¥à¤•ूल ऑफ इकोनॉमिकà¥à¤¸ में अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° और असमानता के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विशेषजà¥à¤ž थॉमस पिकेटी ने यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया। बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² को मेसोपोटामिया के सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जà¥à¤žà¤¾à¤¤ सà¥à¤•ूल टैबलेट की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ृति पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की गई। असल टैबलेट इस वकà¥à¤¤ में लौवर मà¥à¤¯à¥‚जियम में रखी है।
पेरिस में आयोजित समारोह में बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने हिडन इनइकà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€à¤œà¤¼, विजिबल आउटकमà¥à¤¸: ठजेंडर लेंस शीरà¥à¤·à¤• से वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥€ दिया। यह वरà¥à¤²à¥à¤¡ इनइकà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ लैब की इकà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ डिबेटà¥à¤¸ सीरीज का हिसà¥à¤¸à¤¾ था।
पà¥à¤°à¥‹ बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² लैंगिक असमानता, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और नारीवादी अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° पर वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• शोध के लिठचरà¥à¤šà¤¿à¤¤ हैं। उनकी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ कृतियों में A Field of One’s Own (1994), Gender and Green Governance (2010) और तीन खंडों वाली Gender Challenges (2016) शामिल हैं।
बीना अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने कहा कि यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करके मà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶à¥€ हà¥à¤ˆ है। हालांकि यह मेरे लिठआशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ की बात है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤†à¤¯à¤¾à¤®à¥€ असमानता पर अब इतना अचà¥à¤›à¤¾ शोध हो रहा है। मà¥à¤à¥‡ खà¥à¤¶à¥€ है कि मैं उन सà¥à¤•ॉलरà¥à¤¸ में से à¤à¤• हूं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि असमानता के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयामों पर शोध करने वाले हम में से कई लोग चाहते हैं कि ये असमानताà¤à¤‚ कम होकर धीरे धीरे खतà¥à¤® हो जाà¤à¤‚। इसलिठअपने काम में मैं न सिरà¥à¤« असमानताओं खासकर लैंगिक असमानताओं को पहचानने और मापने की कोशिश करती हूं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कम करने के तरीके à¤à¥€ सà¥à¤à¤¾à¤¤à¥€ हूं।
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